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ठेके बंद होने के बावजूदे हिसार में धड़ल्ले से बिक रही शराब

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कुलदीप जांगड़ा
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हिसार। लॉकडाउन में सरकार की ओर से ठेके बंद करने और शराब बिक्री पर प्रतिबंध है। आदेशानुसार ठेके बंद भी हैं, लेकिन बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। दरअसल शराब दुकानों का मेन गेट बंद कर कारिंदे दुकान के पीछेे के गेट से लोगों को शराब बेच रहे हैं। दुकानों पर बैठे कारिंदे लॉकडाउन का बहाना बनाकर लोगों से शराब की बोतलों के दोगुना तक दाम वसूल रहे हैं।
हमारी टीम ने बुधवार सुबह से शाम तक ज्यादातर शराब ठेकों की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। पता लगा कि शराब ठेकों के गेट पर ताले लगे हैं। शराब ठेकेदार के कारिंदे आसपास टहलते रहते हैं। ग्राहक को देखकर उसके पास आ जाते हैं। ग्राहक की मांग के अनुसार उसी ब्रांड की बोतल ला देते हैं। कुछ शराब की दुकानें सील की हुई थीं। इसके बावजूद भी दुकान के पीछे से शराब बेची जा रही थी। ग्रामीण क्षेत्रों की बजाय शहरी क्षेत्र में बनी शराब दुकानों पर अधिक पाबंदियां नजर आईं। शहर में भी शराब बेची जा रही थी। वहां हर समय पुलिस के पहरे के चलते पाबंदी अधिक थी। फिर भी नजदीकी खड़े रेहड़ी संचालकों से संपर्क बनाकर चोरीछिपे शराब बेची जा रही है। (संवाद)
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देसी 200 और अंग्रेजी की बोतल 900 तक बेच रहे
ज्यादातर शराब दुकानों पर देसी शराब की बोतल के 200 रुपये और अंग्रेजी शराब के 700 से 900 रुपये तक वसूले जा रहे थे। लॉकडाउन से पहले देसी शराब की बोतल के 150 रुपये और अंग्रेजी शराब के 400 से 450 रुपये में बेची जा रही थी।
इन जगहों पर बेची जा रही थी शराब
शहर के बस स्टैंड नजदीक स्थित बनी शराब की दुकान, आर्य नगर गांव में बनी शराब दुकान, रावलवास कलां गांव में बस स्टैंड के नजदीक बनी दुकान, बालसमंद गांव में बाजार रोड पर स्थित दुकान, बुड़ाक गांव में बांडाहेड़ी रोड पर बनी शराब की दुकान। इन शराब दुकानों पर कारिंदेे बेखौफ शराब बेच रहे थे।
यहां बंद मिलीं दुकानें
जिला अस्पताल के नजदीक में बनी शराब की दुकान, भिवानी रोहिल्ला में बस स्टैंड पर बनी दुकान और धीरणवास गांव की दुकान आदि पर सील लगी हुई थी और कोई कारिंदा शराब बेचता हुआ भी नहीं पाया गया।
शाम के समय मेन गेट से भी बेचते हैं शराब
सूत्रों की माने तो कुछ शराब दुकानों पर दोपहर के समय मेन गेट बंद रहता है और दुकान के पीछे से भी शराब नहीं भेजी जाती। मगर शाम के समय उनके भी हौसले बुलंद हो जाते हैं और शाम होते ही वहां भी शराब बेचनी शुरू हो जाती है। कुछ कारिंदे ऐसे हैं, जो दोपहर के समय मेन गेट बंद कर दुकान के पीछे से शराब बेचते हैं। शाम आने के बाद वह सभी मेन गेट से भी शराब बेचना शुरू कर देते हैं।
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जांच कराई जाएगी
करीब 30-35 शराब ठेके ही बचे हैं। अन्य सभी ठेके सील किए जा चुके हैं। हमारी टीम शिकायत के आधार पर जांच कर रही है। रिकॉर्ड की जांच भी कर रहे हैं। शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई करेंगे।
- आरके सिंगला, जिला आबकारी एवं कराधान अधिकारी, हिसार।
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