गांव खरकड़ा में शादी से लौट रहे एक व्यक्ति को शराब ठेकेदार और उसके कारिंदों द्वारा उठाए जाने, मारपीट कर घायल करने को लेकर मामला गरमा गया। मामले को लेकर विरोध स्वरूप गांव की महिलाओं ने शराब ठेके में तोड़फोड़ कर उसमें आग लगा दी। सूचना मिलने पर एसएचओ मनदीप सांगवान खुद मौके पर पहुंचे और स्थिति पर काबू पाया। आगजनी की घटना के बारे में दमकल विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल केंद्र से एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर भी काबू पाया।
खरकड़ा निवासी मामन ने बताया कि उसका भाई सुभाष शनिवार रात को गांव में ही एक शादी समारोह से लौट रहा था। किसी बात को लेकर शराब ठेकेदार, उसके कारिंदों ने सुभाष के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी और वे उसे गाड़ी में डालकर ले गए। पहले वे उसे अपने ठेके पर ले गए और वहां जमकर मारपीट की और फिर वहां से बोबुआ में शराब ठेके पर ले गए। वहां पहुंचकर भी उन्होंने सुभाष को बुरी तरह से डंडों से पीटा। वहां से अवैध शराब बेचने का आरोप लगाते हुए ठेकेदार उसे बरवाला थाने ले गए। पुलिस ने उसकी हालत देखकर उस पर कार्रवाई करने की बजाय पहले परिवार को सूचना दी और हिसार के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया। मामले के बारे में जब ग्रामीणों को पता चला तो वे बिफर गए। गांव की महिलाएं और कुछ युवक गांव से बाहर बने शराब ठेके पर पहुंच गए। उन्होंने वहां जाकर तोड़फोड़ कर शराब की बोतलें सड़क पर फेंक डाली और ठेके को आग के हवाले कर दिया। बरवाला थाना एसएचओ और दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची।
ठेकेदारों ने गांव के एक व्यक्ति के साथ मारपीट की थी। ग्रामीणों में इसको लेकर रोष था। रोष स्वरूप कुछ महिलाओं ने शराब ठेके में आग लगा दी। आग लगाने वाली महिलाएं कौन थीं, मुझे जानकारी नहीं।
- राजकुमार, सरपंच खरकड़ा
खरकड़ा के व्यक्ति के साथ ठेकेदार और कारिंदों द्वारा मारपीट का मामला था, जिसके चलते रोष स्वरूप महिलाओं ने शराब ठेके में तोड़फोड़ कर उसे आग के हवाले कर दिया। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया है। घायल युवक की शिकायत पर ठेके से जुड़े तीन-चार लोगों पर मारपीट का केस दर्ज कर लिया है।
- मनदीप सांगवान, एसएचओ बरवाला थाना
ग्रामीणों बोले, नहीं बिकने देंगे गांव में शराब
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे अब गांव में शराब का ठेका नहीं खुलने देंगे। ग्रामीणों ने कहा कि शराब की दुकान के कारण उनके गांव का माहौल खराब हो रहा है। शराब पीकर लोग आपस में झगड़ते हैं, जिसके चलते गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। आग में देसी शराब और काफी कीमती सामान जल गया। इससे पहले रविवार सुबह ग्रामीणों ने मामले के संबंध में पुलिस स्टेशन में शराब ठेकेदार के खिलाफ शिकायत दी। ग्रामीणों ने पुलिस को शिकायत दी थी कि गांव में शराब की दुकान चलाने वाले विनोद, सोनू, रविंद्र ने शराब बेचने के शक में सुभाष को उठा लिया और उसकी लाठियों से बेरहमी से पिटाई कर दी। आरोप है कि शराब ठेकेदार के कारिंदे सुभाष की पिटाई करने के बाद उसे पुलिस स्टेशन छोड़ गए। एसएचओ के अनुसार सुभाष पर शराब ठेकेदार ने नाजायज तौर पर शराब बेचने का आरोप लगाया है। पुलिस द्वारा सुभाष से की गई पूछताछ में ऐसा कुछ सामने नहीं आया।
कार्रवाई न होने से नाराज होकर भड़के ग्रामीण
ग्रामीणों ने शराब ठेकेदार की शिकायत पुलिस स्टेशन में दी, जिसमें ग्रामीणों ने पुलिस को मामले की सारी जानकारी दी। ग्रामीणों का कहना है कि सुभाष शराब बेचने का कार्य नहीं कर रहा है, लेकिन कारिंदों ने रंजिशन उसकी पिटाई कर दी। पुलिस द्वारा शराब ठेकेदार पर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीण वापस गांव लौट गए। देर शाम तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण एकत्रित होकर शराब के ठेके पर पहुंच गए। ठेके पर मौजूद एक कारिंदा भीड़ देख मौके से भाग निकला। इस दौरान दर्जनों की संख्या में उपस्थित महिलाएं हाथों में लाठियां लिए हुए थीं। गुस्साई महिलाओं ने ठेके से सामान बाहर निकाला और आग के हवाले कर दिया। आग में कूलर, फ्रिज, अलमारी, शराब की बोतलें, चारपाई इत्यादि जलकर राख हो गया।