हिसार। शहर के एक स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा द्वारा सड़क पर बच्ची को जन्म दिए गए मामले में शनिवार को अर्बन एस्टेट थाना पुलिस नागरिक अस्पताल पहुंची। वहां पर टीम के सदस्याें ने छात्रा से बातचीत की और उसके बयान दर्ज किए। वहीं नवजात बच्ची का नीकू में उपचार चल रहा है। जच्चा वार्ड में भर्ती है। पीड़िता के परिवार वालों का कहना है कि वे नवजात बच्ची को अपने पास नहीं रखेंगे। पुलिस ने पीड़िता की मां के बयान पर नाबालिग आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पाॅक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
वीरवार को हुई थी डिलीवरी
जानकारी अनुसार शहर के एक मोहल्ला में रहने वाली महिला ने बताया था कि उसकी बेटी की उम्र 16 साल और 4 महीने है। वह शहर के एक स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ती है। स्कूल में ही दसवीं कक्षा में पढ़ने वाला एक युवक बेटी को बाइक पर बैठा कर एक कैफे में ले गया था। वहां पर उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जाने से मारने की धमकी दी। वीरवार को स्कूल से शिक्षिका का फोन आया और उसने बताया कि उनकी बेटी की तबीयत खराब है। पता चलने पर स्कूल पहुंची और बेटी को अपने साथ घर लेकर आ रही थी। रास्ते में प्रसव पीड़ा के चलते बेटी ने सड़क किनारे की बच्ची को जन्म दे दिया। उसके बाद एंबुलेंस के जरिए उसे निजी अस्पताल में लेकर गए। शुक्रवार को जच्चा-बच्चा को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी के मेंबर मनोज कौशिक चंद्रवंशी ने बताया कि कमेटी जच्चा की काउंसिलिंग कराएगी और उसके बयान दर्ज करेगी। उसके बयान के आधार पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।