पत्रकारों से बातचीत में ट्रीटमेंट सेंटर की अव्यवस्था बयां करते जीव रक्षा बिश्नोई सभा के प्रधान
हिसार। अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार एवं वन्य प्राणी विभाग की अनदेखी के चलते हिसार रेंज के लिए स्थापित वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर में सुविधाओं के अभाव में वन्य जीव दम तोड़ रहे हैं। ट्रीटमेंट सेंटर में वन्य जीवों के लिए पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है।
अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के जिला प्रधान एडवोकेट चंद्र सहारण ने राज्य सरकार एवं वन्य प्राणी विभाग की इस अनदेखी को मीडिया के समक्ष उजागर करते हुए कहा कि डियर पार्क के पास वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर में वन्य जीवों के उपचार के लिए कोई सुविधा नहीं है। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी हिसार आ रहे हैं। ऐसे में बिश्नोई समाज मांग करता है कि जिस प्रकार उन्होंने गुजरात के बंतारा में जाकर वहां की शानदार व्यवस्था देखी थी, उसी तरह वे हिसार के डियर पार्क व ट्रीटमेंट सेंटर का दौरा कर व्यवस्था का जायजा लें। यह ट्रीटमेंट सेंटर एयरपोर्ट की साथ लगती दीवार के पास ही है।
उन्होंने कहा कि हिसार का वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर अवैध है, यह केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने लिखकर दिया है। ट्रीटमेंट सेंटर में वन्य जीव डॉक्टर व दवाइयां भी नहीं है। 10 वर्षों मे 10 हजार जानवर डबवाली, सिरसा, आदमपुर व फतेहाबाद से ट्रांसपोर्ट किए। वह किस अधिकारी की अनुमति से किए, किसी को कोई जानकारी नहीं। इस अवसर पर आदमपुर प्रधान कृष्ण कुमार राहड़, जिला उप प्रधान विनोद खिलेरी, अनिल भांभू, विजय मंडा, जयदेव धामू, सुग्रीव पूनिया, ईश्वर गोदारा आदि मौजूद रहे।