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पत्नी की मौत से सदमे में आए पति ने रेलगाड़ी के आगे कूदकर दी जान

Tue, 25 Apr 2017 12:27 AM IST
अमर उजाला/ब्सूूरे/हिसार
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साथ जीने-मरने के किस्से तो आपने सुने होंगे लेकिन उसे निभाने वाले बहुत कम देखे और सुने होंगे। ऐसा ही एक किस्सा सोमवार को शहर में देखने को मिला, जहां अनाज मंडी में आढ़त का काम करने वाला एक व्यापारी अपनी बीवी की मौत सहन नहीं कर पाया और सदमे में ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। व्यापारी की आत्महत्या की खबर सुनने के बाद व्यापारी के पत्नी प्रेम की दिनभर चर्चा रही। लोगों का कहना था कि दोनों के बीच गहरा प्रेम था और शनिवार को पत्नी की मौत के बाद से ही वह सदमे में था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पत्नी की अर्थी के साथ व्यापारी लिपट-लिपट कर रोया था और जल्द ही पत्नी के पास बार-बार जाने की बात कह रहा था। 
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जानकारी के अनुसार 45 वर्षीय आढ़ती रतनलाल अग्रवाल की बीवी सरोज पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रही थी। शनिवार को अचानक उनकी बीवी ने दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि घर से जब बीवी की अर्थी निकली तो वह उसके लिपट कर खूब रोया था। परिजनों के भी मुताबिक रतनलाल की स्थिति मानसिक रूप से खराब हो गई थी और वह बार-बार बीवी के पास जाने की बात बोल रहा था। सोमवार को पुत्र दिनेश को मां की अस्थियां साथ लेकर गंगा में विसर्जित करने की बात कहकर वह घर में ही बैठ गया। जैसे ही बेटा घर से निकला रतन लाल ने रेलवे स्टेशन पर सवेरे 6 बजे वाली सवारी रेलगाड़ी के आगे कूदकर जान दे दी। सूचना मिलने के बाद हिसार से राजकीय रेलवे पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया। 

बेटे पर टूटा दुखों का पहाड़
रतनलाल का इकलौता बेटा दिनेश अपने रिस्तेदारों के साथ मां की अस्थियां गंगा में विसर्जित करने के लिए सोमवार की सुबह ही हरिद्वार के लिए रवाना हो गया था। वह भिवानी पहुंचा ही था कि उसके पास पिता की मौत की खबर पहुंची तो पहले से ही मां की मौत का दर्द झेल रहे बेटे पर भी मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। वह रास्ते से ही वापस सिवानी लौटा और पिता की रस्म क्रिया संपन्न करवाई। 
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पत्नी से था अटूट प्रेम
अनाज मंडी के व्यापारियों के अनुसार रतनलाल को अपनी पत्नी सरोज से अटूट प्रेम था। वह हमेशा उसका न केवल ख्याल रखता बल्कि रोजाना बाजार में अपनी बीवी को चाट खिलाने के लिए बाजार लाता था। जब भी बीवी का घर से फोन आता रतनलाल अपने सारे काम-धंधे बीच में ही छोड़कर उसके पास चला जाता था। आढ़ती रतन लाल की मौत के बाद दोनों पति-पत्नी के बीच प्रेम के किस्से हर किसी की जुबान पर थे। लोगों का कहना था कि उन्होंने पति-पत्नी के बीच ऐसा प्यार पहले कभी नहीं देखा। 
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