प्रदेश में जून माह के दौरान औसत से 44 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। सामान्य रूप से जून में 54.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी जबकि इस बार केवल 30.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रदेश के 23 जिलों में से केवल दो जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई।
हरियाणा में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार दस्तक दे दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बुधवार को मानसून हरियाणा के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया है। मानसून की उत्तरी सीमा अब करनाल से होकर गुजर रही है, जिससे स्पष्ट है कि प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में मानसून की सक्रियता बढ़ गई है।
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मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों के दौरान परिस्थितियां और अधिक अनुकूल बनी हुई हैं। इसके चलते मानसून हरियाणा के शेष हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ेगा और पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, 1 से 6 जुलाई के बीच हरियाणा में गरज-चमक, तेज हवाओं और मध्यम से भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 1 से 3 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। इस अवधि में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी आशंका जताई गई है।