आंधी के कारण हिसार में 487 बिजली के खंभे और 44 ट्रांसफार्मर जमीन पर आ गिरे। दो गौशालाओं के शेड भी हवा में उड़ गए। धीरणवास गांव में तीन दिनों से बिजली आपूर्ति बहाल न होने के कारण नाराज ग्रामीणों ने हिसार-बालसमंद रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। फतेहाबाद में रिकॉर्ड 1381 बिजली के पोल और 45 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। ग्रामीण इलाकों में करीब 150 पेड़ टूटने से 19 घंटे तक बिजली गुल रही। सबसे ज्यादा नुकसान टोहाना (946 पोल) और रतिया (185 पोल) में हुआ है। टोहाना की सतगुर राइस मिल का शेड उड़ गया, जबकि आनंद राइस मिल में आग लगने से लाखों की संपत्ति स्वाहा हो गई।
मौसम विभाग की चेतावनी
15 जून तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। तेज हवाओं और आंधी के दौरान बिजली के बुनियादी ढांचे से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है।