हरियाणा सहित उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां जारी हैं। आगे भी मौसम में बारिश की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार प्रदेश में 13 अक्तूबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना रहेगी। अभी बंगाल की खाड़ी पर बने कम दबाव का क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है।
रात को एसी और कूलर का इस्तेमाल न करें
मौसम में आए बदलाव के साथ ही मौसमी बीमारियां फैलने लगी हैं। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन ज्ञानेंद्र ने बताया कि मौसम बदलाव में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग का ध्यान रखें। रात के समय एसी और कूलर बंद कर दें। फ्रीज में रखा हुआ ठंडा पानी न पीएं। इसके अलावा बाहर का खाना न खाएं। फास्ट फूड और तले हुए भोजन का इस्तेमाल न करें। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ बुखार, खांसी, जुकाम आदि के केस आ रहे हैं। छोटे बच्चों में भी बुखार, उल्टी और दस्त के केस बढ़ रहे हैं। बच्चों को सीधे खुली हवा में न ले जाएं। इस मौसम में छोटे बच्चों को रात को मोटे कपड़े पहनाए।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार प्रदेश में 13 अक्तूबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना रहेगी। अभी बंगाल की खाड़ी पर बने कम दबाव का क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है। यहां से यह मुड़कर उत्तराखड़ की तरफ हो जाएगा। इसके अलावा एक और कमजोर श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ कल तक पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय हो जाएगा। यहां इसका कम दबाव के क्षेत्र के टकराव होगा। इसके असर से प्रदेश के उत्तर पूर्वी व पश्चिमी जिलों में 12 व 13 अक्तूबर को हल्की बारिश की संभावना रहेगी।
रबी की फसल के लिए फायदेमंद है यह बारिश
एचएयू के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि यह बारिश रबी की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी। खासकर बारानी क्षेत्रों को ज्यादा फायदा होगा, वहां बिजाई का क्षेत्र बढ़ेगा। इस बारिश के कारण किसानों को सरसों व चने की फसल में पलेवा नहीं करना पड़ेगा। रेवाड़ी, नूंह व पलवल की तरफ किसानों ने रबी की फसल की बिजाई कर ली है, वहां से इस बारिश से नुकसान होगा। इस समय कपास की फसल खेतों में खड़ी है। इस बारिश से कपास की फसल को भी नुकसान होगा। उसकी गुणवत्ता में गिरावट आएगी। ग्वार की फसल अभी पकी नहीं है तो इसे नुकसान नहीं होगा।