जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से रामायण रेलवे ट्रैक के पास चल रहे धरने के 29 वे दिन लोगों ने काले कपड़े पहनकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। रामपाल समर्थक भी काली पट्टियां व कपड़े पहनकर सैकड़ों की संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे। हजारों की संख्या में धरना स्थल पर समिति ने भीड़ एकत्रित कर फिर शक्ति प्रदर्शन किया और सरकार को चेताया। समिति के जिला प्रधान कृष्ण किरमारा ने कहा कि हमारी मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक विरोध जारी रहेगा। मंच से उन्होंने सरकार को चेताया कि ये मत सोचना की हम डरकर बैठे हैं। हम शांति से बैठना भी जानते हैं और खड़े होकर लड़ना भी। मौजूद लोगों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। नाच गानों, सांस्कृतिक गीतों व कविता के माध्यम से सरकार के प्रति नाराजगी जताई। समिति के महेंद्र पूनिया ने अपनी बात रखते हुए कहा जो लोग नकाब पहनकर रेलवे ट्रैक के पास हुड़दंग बाजी कर रहे है। वह समिति से जुड़े हुए लोग नहीं है। हमारा आंदोलन शांति प्रिय रहेगा और कोई भी समिति का व्यक्ति हिंसा नहीं करेगा और ना ही हिंसा का हिस्सा बनेगा।
हमारी किसी से दुश्मनी नहीं
सुरेश कोथ ने सरकार के विरुद्ध नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार हमारे आंदोलन को राजनीतिक रूप देना चाहती है। सीआईडी के लोग कहते हैं कि जाट सीएम की कुर्सी के पीछे पड़े हैं। हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं।
प्रशासन फौज हटा ले
धरना स्थल के मंच से जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा ने सरकार के खिलाफ खूब नारे लगवाए। उन्होंने मंच से कहा कि प्रशासन ने रेलवे ट्रैक के आसपास जो फौज लगा रखी है इसे हटा लिया जाए। हम शांत बैठे हैं, लेकिन अगर किन्हीं कारणों से माहौल खराब हुआ तो उसकी जिम्मेवारी प्रशासन की रहेगी।
खापों ने भी दिया समर्थन
महम चौबीसी खाप से बलवंत सिंह आर्य संगठन सचिव, काजला खाप से राजमल काजल, बलवान सिंह सुंडा भ्याण खाप की तरफ से, सिंहमार खाप से धर्मबीर, झोरड़ खाप से विनोद मौजूद थे।
ये रहे मौजूद
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के धरने पर महेंद्र पूनिया, धर्मपाल बड़ाला, राजकुमार श्योराण, झाबर किरमारा, काला कनोह, सुलतान सिंह लाडवी, बलजीत सिंह पुट्ठी, मदन सिंह फौजी पुट्ठी, बलवान सिंह बास, इनेलो नेत्री शीला भ्याण, सुनहरी देवी सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
रामपाल समर्थक भी हुए शामिल
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के ब्लैक डे को समर्थन देने के लिए रविवार सेक्टर-2, 7 और 28 में रामपाल के समर्थक एकत्र हुए। पुलिस प्रशासन को इसकी भनक लग गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर रामपाल समर्थकों को वहां से बसों में बैठाकर दूसरी जगह भेज दिया गया। इसके बाद भी रामपाल समर्थकों को पता चलते ही करीब 50 वाहनों में रामायण के लिए जत्था रवाना हो गया और बैनर लेकर नारेबाजी करते हुए धरने में शामिल हो गए।