हिसार। सावन माह की पहली बारिश में ही शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति हो गई। इस कारण से आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो बारिश बंद होने के ढाई घंटे बाद पूरे शहर से बारिश के पानी की निकासी हो गई थी। वहीं पार्षदों का कहना है कि बारिश के सात घंटे बाद भी शहर में जगह-जगह पानी भरा था।
बीते नौ जुलाई को हुई करीब 13 एमएम बारिश के बाद से शहर में लोग बारिश को तरस रहे थे। वीरवार सुबह 6 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई, जो करीब पौन घंटे तक चली। इसके बाद सुबह 10 बजे फिर से बारिश शुरू हो गई, जो करीब पौने 11 बजे तक चली। बारिश को लेकर अलग-अलग संस्थाओं के अलग-अलग आंकड़े रहे। एचएयू के कृषि मौसम विभाग के अनुसार 18.0 एमएम बारिश हुई। एचएयू की वेधशाला लुदास गांव के पास स्थित है। वहीं भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 7.0 एमएम बारिश हुई। इनकी वेधशाला जीजेयू के पास है। वहीं भारतीय मौसम विभाग की एक अन्य वेधशाला हिसार एएमएफयू के अनुसार 13.0 एमएम बारिश हुई। यह वेधशाला ग्रामीण क्षेत्र में है। इसके अलावा बालसमंद एरिया में 6.0 एमएम बारिश दर्ज की गई।
शहर के कई क्षेत्र बने तालाब, कप्तान स्कूल रोड के लोग बोले-जलभराव की समस्या हो स्थायी समाधान
इस बारिश में शहर के कई क्षेत्र तालाब बन गए। चूंकि जिस समय बारिश हुई, वह समय लोगों को कार्यालय जाने व बच्चों का स्कूल जाने का होता है। जगह-जगह जलभराव से इन लोगों को काफी परेशानी हुई। खासतौर पर मिल गेट रोड नई सब्जी मंडी के सामने, जिंदल पार्क, सैनियान मोहल्ला, बड़वाली ढाणी, महावीर कॉलोनी रोड, निरंकारी भवन रोड, इंडस्ट्रियल एरिया, अर्बन एस्टेट टू आदि क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा खराब रही। निचले इलाकों में तो घरों व दुकानों में पानी घुस गया। कप्तान स्कूल रोड के दुकानदारों ने तो दोपहर तक दुकानें ही नहीं खोली। क्षेत्रवासी डॉ. रमेश भट्टी, रविन्द्र आर्य, संतलाल, संदीप कुमार, किशोरी लाल, मुकुल, सुरेश कुमार, मनोज कुमार आदि ने बताया कि थोड़ी सी बारिश में ही इस रोड पर पानी जमा हो जाता है। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से पानी निकासी की समस्या का समाधान करवाने की मांग की है।
जनस्वास्थ्य विभाग ने फिल्ड में उतारे 150 कर्मचारी
बारिश को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर में 150 कर्मचारी फिल्ड में उतारे। कई एरिया में जीटी ब्लॉक हुई तो उनको खुलवाया गया। ढाणी श्यामलाल, मिलगेट, पुरानी सब्जीमंडी चौक, विजय नगर सहित कई एरिया में जीटी ब्लॉक की सूचना जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मिली तो वहां कर्मचारी भेजे गए। विभाग के अनुसार शहर में सात हजार से आठ हजार जीटी हैं। इनमें से करीब 1500 जीटी ब्लॉक हो सकती हैं। कारण है कि बारिश में गलियों में पड़ा कूड़ा, गोबर, पॉलिथीन भी पानी के साथ जाता है। इस कारण जीटी ब्लॉक हो जाती है।
बारिश को देखते हुए हम अलर्ट है। सभी मशीनरी काम कर रही है। कर्मचारियों की कोई कमी नहीं है। वीरवार को बारिश के दो से ढाई घंटे के दौरान पानी निकल गया था। जहां-जहां जीटी ब्लॉक हुई थी, वो खुलवा दी गई है।
- जसबीर सिंह, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
मिल गेट से जिंदल पार्क तक के रोड से शाम छह बजे पानी की निकासी हुई है। वहीं कॉलोनी की गलियों में तो रात तक भी पानी भरा हुआ था। जनस्वास्थ्य विभाग बारिश से पहले जलनिकासी के इंतमाम करने में पूरी तरह से फेल साबित हुआ है। ये हालात तब है, जब कम बारिश हुई है।
मनोहर लाल, पार्षद, वार्ड 7
इंडस्ट्रियल एरिया में कुछ जगहों पर रात 9 बजे भी पानी भरा हुआ था। वार्ड की कॉलोनियों से भी पूरी तरह से पानी नहीं निकला है, क्योंकि सीवर ब्लॉक पड़े हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के बारिश के पानी की निकासी के दावे फेल साबित हुए हैं।
जगमोहन मित्तल, पार्षद, वार्ड 12