हिसार। नगर निगम ने श्मशान घाट के नाम पर दान दी गई जमीन की डीड को लेकर दानी से ही खर्चा मांग लिया। इस मामले को लेकर वीरवार को श्मशान घाट सुधार समिति के पदाधिकारी निगम कार्यालय पहुंचे और निगमायुक्त को मामले से अवगत करवाया। निगमायुक्त ने मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित शाखा के अधिकारियों को बुलाया और कहा कि ये कैसा नियम है। इस मौके पर मनोनीत पार्षद कैप्टन नरेंद्र शर्मा व सतीश सुरलिया भी मौजूद रहे।
अर्बन एस्टेट निवासी सुरेंद्र ने बताया कि करीब 42 साल पहले उसके पिता का मिर्जापुर रोड पर ईंट-भट्ठा होता था। इस भट्ठे के आसपास कई ढाणियां व कॉलोनियां बसी हुई थी। यहां बसे लोग उसके पिता के पास आए और बोले कि उन्हें अंतिम संस्कार के लिए ऋषि नगर जाना पड़ता है। अगर उन्हें यही आसपास कुछ जमीन मिल जाती तो उनकी परेशानी कम हो जाती है। इस पर उसके पिता ने उन्हें 3 कनाल व 3 मरला जमीन उन्हें दान में दी थी। यह जमीन वर्ष 1980 के आसपास दी गई थी। अब उसे निगम की तरफ से लिखा हुआ एक पत्र मिला। इस पत्र में कहा गया है कि आपने जो जमीन दान की है, उसकी डीड कराने के नाम पर आने वाला खर्च भी आपको ही वहन करना होगा।
समिति पदाधिकारियों ने निगमायुक्त राहुल हुड्डा को इस मामले के बारे में अगवत करवाया तो वह भी हैरान हो गए। इसके साथ ही उन्होंने भूमि शाखा के अधिकारियों को बुलाया और उनसे कहा कि जिस व्यक्ति ने आपको जमीन दान दी, आप दानी से ही डीड का खर्चा लोगे, ये कैसा नियम है। यह सुनकर अधिकारी भी चुप्पी साध गए।