हिसार। शहर में बारिश थमने के 24 घंटे बाद भी जलभराव की स्थिति बनी रही। जगह-जगह बारिश का पानी भरा रहा। शहर के पॉश एरिया की सड़कों व गलियों के हालात खराब हैं, वहीं, खाली प्लॉट तालाब बन चुके हैं। उधर, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मुख्य मार्गों से जलनिकासी होने के बाद बेफ्रिक नजर आए। एक वार्ड के पार्षद ने जब पानी की निकासी के लिए विभाग के कर्मचारी को फोन किया तो जवाब मिला कि आज म्हारी छुट्टी सै। इसके बाद पार्षद पार्षद महेंद्र जुनेजा खुद ही बांस लेकर बंद पड़े सीवर को खोलने में जुट गए।
दो दिन हुई मूसलाधार बारिश से सेक्टरों व कॉलोनियों में पड़े खाली प्लॉट पानी से लबालब हो गए हैं। अब इन प्लॉट में जमा पानी में मच्छर पैदा होंगे, जो डेंगू जैसी बीमारियों को जन्म देंगे। इन पर नगर निगम, जनस्वास्थ्य व एचएसवीपी कोई भी संज्ञान नहीं लेगा। बता दें कि 23 व 24 सितंबर को शहर में 116.0 एमएम बारिश हुई। इस भारी बारिश के कारण पूरा शहर एक जलाशय बन गया। हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग ने शनिवार देर रात तक सभी मुख्य सड़कों पर जमा पानी की निकासी करवा दी, लेकिन कई कॉलोनियों से रविवार शाम तक भी पानी की निकासी नहीं हो सकी।
यहां-यहां मिला जलभराव
- अर्बन एस्टेट टू : शहर का पॉश एरिया है। यहां सामुदायिक केंद्र के पीछे लगती गली में दाखिल होने के साथ पूरी गली में एक फुट तक पानी भरा मिला। देखकर ऐसा लगा कि मानों अभी कुछ देर पहले ही बारिश थमी हो।
मॉडल टाउन : यहां जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय वाली रोड पर ही पानी भरा हुआ था। इसके अलावा चावला अस्पताल के पीछे वाली गली में भी जलभराव मिला। दोनों जगहों पर वाहन चालक इस पानी में से ही होकर गुजरने को मजबूर थे।
कैमरी रोड : पीएलए स्थित सामुदायिक केंद्र के सामने रोड की एक तरफ बरसाती नाले के साथ-साथ पानी भरा हुआ था। इसके अलावा साथ लगती गली के मोड़ पर जलभराव था। इस कारण पैदल जाने वाले लोगों को परेशानी आ रही थी।
डाबड़ा चौक आरओबी : जेल की तरफ वाली सर्विस रोड पर काफी पानी भरा हुआ था। चूंकि यहां काफी अस्पताल स्थित है तो यहां आने वाले लोग इस पानी में होकर गुजर रहे थे।
शास्त्री नगर : आजाद नगर स्थित शास्त्री नगर में दादी गौरी मंदिर के पास जगह-जगह जलभराव मिला। इसका कारण यह है कि यहां सभी सीवर की ब्लॉक है, जिस कारण से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
महाबीर कॉलोनी : फाटक रोड पर काफी जलभराव मिला। लोगों का कहना था कि यहां हर बारिश में यही स्थिति रहती है, लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं किया गया।
डेढ़ माह नहीं हुई बारिश, आराम फरमाते रहे अधिकारी
दो दिनों की बारिश से पहले करीब डेढ़ माह तक शहर में बूंद तक नहीं गिरी। इस दौरान किसी भी विभाग ने जलभराव की समस्या के समाधान को लेकर कोई काम नहीं किया। अधिकारी तो यही सोच कर बैठे रहे कि मानसून अब जा चुका है। अगर इस अवधि में थोड़ा काम किया होता तो शायद यह स्थिति नहीं आती।
हमारे कर्मचारी आज ड्यूटी पर थे। पार्षद महेंद्र जुनेजा ने किसी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पास फोन किया होगा। अगर किसी अधिकारी के पास किया होता तो उनकी समस्या का समाधान हो जाता। टोल फ्री नंबर पर आज भी जलभराव की काफी समस्याएं आई हैं और उनका समाधान कराया गया है। शहर में कई निचले इलाके हैं, जहां यह समस्या रहती है। ऐसे जगहों को चिह्नित कर वहां समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
- संजीव त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
एडवांस में तैयारी नहीं की। औपचारिकता निभाई गई। बरसाती नाले व सीवरों की ठीक ढंग से सफाई नहीं हुई। जो काम हुआ, उसी अधिकारियों ने ठीक से मॉनिटरिंग नहीं की। यही कारण है कि दो दिन की बारिश में शहर के ये हालात बने।
-मनोहर लाल, चेयरमैन, वाटर सप्लाई एंड सीवर डिस्पोजल सब कमेटी
महाबीर कॉलोनी में फाटक वाली रोड पर भरा बारिश का पानी।- फोटो : Hisar
दो महीने बाद भी सीवर लाइन को ठीक नहीं करने पर रोड जाम करते आजाद नगर निवासी।- फोटो : Hisar
सीवर लाइन धंसने के कारण गली में हुआ गहरा गड्ढा। - फोटो : Hisar