हिसार। दो दिन हुई बारिश से जिले से गुजरने वाली नहरें व रजवाहे खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। रविवार को रामायण व नलवा गांव से गुजरने वाला रजवाहा पेटवाड़-सिवानी फीडर हेड के पास टूट गया। नहर विभाग की ओर से रविवार देर शाम तक इस दुरुस्त नहीं किया गया।
रामायण गांव के पूर्व सरपंच जसवंत सिंघल ने बताया कि पिछले दिन हुई बारिश से रामायण गांव के आवासीय क्षेत्र व खेतों में पानी भर गया है। पानी भरने से कपास, धान व बाजारा की फसल को काफी नुकसान हुआ है। फिलहाल सरपंच का चार्ज पंचायत विभाग के पास है। ग्राम पंचायत के पास गांव में पानी निकासी का काम करवाने तक की पावर नहीं है। वहीं दूसरी ओर जलभराव से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि रामायण गांव से पानी निकासी का प्रबंध किया जाए व फसलों की गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा दिलवाया जाए।
वहीं मिट्टी दरकने से नलवा गांव का रजवाहा टूट गया है। इसके कारण आसपास के कपास के खेतों में पानी भर गया। पानी भरने से कपास की फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने जिला प्रशासन से समय पर गिरदावरी करवाकर मुआवजे की मांग की है।
खरड़-अलीपुर गांव में खेतों व घरों में भरा पानी
भारतीय किसान यूनियन के युवा जिला प्रधान कुलदीप खरड़ ने बताया कि भारी बारिश के कारण हरियाणा प्रदेश किसानों की फसलों का काफी नुकसान हुआ है। किसान नेताओं ने मांग की है कि सरकार तुरन्त गिरदावरी करके किसानों को मुआवजा दे। खरड़ गांव में वाल्मीकि बस्ती में पानी भर गया है। रविवार को राजू प्रधान खरड़, राजेश सहरावत, सुरेश वाल्मीकि, बंटी वाल्मीकि, सुरेंद्र, बबलू वाल्मीकि टिंकू ने उपायुक्त से मांग की है कि प्रशासन की ओर से पानी निकासी के प्रबंध करवाए जाए।
हिसार। आर्यनगर राजकीय विद्यालय में भरा बारिश का पानी- फोटो : Hisar
हिसार। रामायण गांव में टूटा रजबाहा व खेतों की ओर बहता पानी।- फोटो : Hisar