फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में बन रही जल परीक्षण प्रयोगशाला, पानी में किस खनिज की कमी है इसकी होगी जांच

Tue, 14 Nov 2023 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
विज्ञापन
हांसी जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में बनाई गई नई प्रयोगशाला। संवाद
विज्ञापन
हांसी।
विज्ञापन

जनस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यालय में पानी के केमिकल परीक्षण के लिए नई जल परीक्षण प्रयोगशाला तैयार की जा रही है। इसके लिए नई मशीनें आ गई हैं। लैब के एनएबीएल से अप्रूवड़ होगी। आगामी महीनों में इस लैब को शुरू किया जाएगा। जल जीवन मिशन के तहत इस लैब पर करीब 45 लाख रुपये खर्च होगा।
लैब के लिए पहले भवन तैयार किया गया। अब टेंडर लगाकर इसके लिए आधुनिक मशीनें मंगवाई गई हैं। लैब को शुरू होने में कुछ समय और लगेगा। आम आदमी भी यहां पर पानी के सैंपल की जांच करवा सकेगा। कार्यालय में पहले से लैब बनी हुई है। जिसमें केवल पानी की टेक्निकल जांच की जाती है। लेकिन केमिकल प्रशिक्षण के लिए हिसार में सैंपल भेजे जाते हैं। नई लैब तैयार होने के बाद केमिकल प्रशिक्षण के लिए सैंपल हिसार नहीं भेजे जाएंगे। यहीं पर ही पानी की हर स्तर की जांच की जा सकेगी। इस प्रयोगशाला में पानी के सैंपल हांसी डिविजन के आएंगे।
विज्ञापन





फिलहाल हिसार में हो रही जांच
पानी की जांच कर यह पता लगाया जाता है कि पानी में सभी खनिज तत्व पर्याप्त मात्रा में है या नहीं। किस तत्व की कमी या अधिकता की स्थिति में उसका उपचार कर पानी को स्वास्थ्य के लिए बेहतर बनाया जा सकता है। पीएचई के अनुसार पानी की पीएच, टर्बीडीटी, टीडीएस, टोटल हार्डनेस, कैल्शियम, मैग्निशियम, क्लोराइड, स्वाद, गंध, कलर के साथ आयरन और सल्फर की जांच लैब में होती है। इन सभी जांच के लिए आधुनिक मशीनें आ गई हैं। मगर लैब शुरू होने में अभी समय लगेगा। इसके लिए अधिकारियों व स्टॉफ की नियुक्ति होगी।


500 रुपये में करा सकते हैं सभी प्रकार की जांच
लैब में बैक्टीरिया, केमिकल्स व अन्य मापदंड पर पानी की जांच कर 48 घंटे में रिपोर्ट दे दी जाएगी। जिसमें यह मालूम हो जाएगा कि पानी पीने लायक है या नहीं। केमिकल जांच के लिए 250 रुपये लगेंगे और इसके लिए दो लीटर पानी सैंपल के तौर पर देना होता है। वहीं टेक्निकल जांच के लिए भी 250 रुपये लगेंगे। 250 एमएल में यह टेस्ट होता है।
विज्ञापन



दूषित पानी पीने से बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा

दूषित पानी पीने से बैक्टीरियल संक्रमण हो सकता है, जिसकी वजह से हैजा, टाइफाइड, पेचिश जैसी बीमारियां आसानी से किसी को भी अपना शिकार बना सकती हैं। इसके अलावा गंदा पानी पीने से वायरल संक्रमण भी हो सकता है। वायरल संक्रमण के कारण हेपेटाइटिस ए, फ्लू, कॉलरा, टाइफाइड और पीलिया जैसी खतरनाक बीमारियां होती हैं।


पानी की जांच के लिए नई लैब तैयार की जा रही है। हिसार में जांच के लिए भेजे जाने वाले सैंपल की जांच यहीं पर होगी।
- विक्रम, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग


हांसी में बन रही नई लैब एनएबीएल से अप्रूव्ड होगी। इसे तैयार होने में कुछ समय और लगेगा। यहां आमजन भी पानी के सैंपल की जांच करवा सकेंगे।-
राजीव सिहाग, कैमिस्ट, जल परीक्षण प्रयोगशाला, हिसार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें