नारनौंद (हिसार)। निजी नर्सिंग कॉलेज में माइग्रेशन संबंधी विवाद अब तक सुलझा नहीं है। शुक्रवार को किसान नेता सुरेश कोथ, धर्मपाल बडाला, सतरोल खाप उपप्रधान सुनील उर्फ शिली और मास्टर फूलकुमार पेटवाड़ के साथ छात्राएं हांसी के विधायक विनोद भयाना से मिलीं और माइग्रेशन प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की।
कागसर स्थित नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने बताया कि माइग्रेशन में लगातार देरी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और भविष्य अनिश्चितता में है। किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि छात्राएं लगभग एक महीने से माइग्रेशन का इंतजार कर रही हैं लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विधायक के आश्वासन के बावजूद सात कार्य दिवस में माइग्रेशन पूरी नहीं हुई तो वे विधायक आवास पर धरना देंगे।
विधायक ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उन्होंने इस विषय पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और मेडिकल बोर्ड अधिकारियों से चर्चा की है। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस की व्यस्तता और कुछ अधिकारियों के अस्वस्थ होने के कारण प्रक्रिया में देरी हुई। विधायक ने कहा कि प्रशासनिक कामकाज सामान्य होते ही सात कार्य दिवस के भीतर माइग्रेशन पूरी कर दी जाएगी।
कॉलेज चेयरमैन पर लगाए थे गंभीर आरोप :
यह मामला पहले भी काफी तूल पकड़ चुका है। छात्राओं ने कॉलेज चेयरमैन जगदीश गोस्वामी पर शोषण, उत्पीड़न और सुरक्षा में लापरवाही के आरोप लगाए थे। दिसंबर में छात्राओं ने आंदोलन शुरू किया। 9 दिसंबर को प्रदर्शन और रोड जाम, 10 दिसंबर को इनेलो का समर्थन, 11 दिसंबर को महिला आयोग की जांच और 17-18 दिसंबर को मंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाकात शामिल रही। 26 दिसंबर से धरना शुरू हुआ और चेयरमैन की गिरफ्तारी के बाद 31 दिसंबर को धरना समाप्त हुआ।
माइग्रेशन के लिए 170 छात्राओं ने किया आवेदन :
धरना समाप्त होने के बाद प्रशासन ने 1 जनवरी से माइग्रेशन आवेदन प्रक्रिया शुरू करवाई। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, 1 और 2 जनवरी को 150 छात्राओं ने आवेदन जमा किए, जबकि 5 और 6 जनवरी को 20 छात्राओं ने आवेदन किए। कुल 170 छात्राओं के आवेदन पंचकूला भेज दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं और अब निर्णय उच्च स्तर से लिया जाना है।