हिसार। नगर निगम चुनाव की वार्डबंदी पर अंतिम मुहर लगने के बाद शनिवार को लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस रूम में वार्ड आरक्षण के ड्रॉ निकाला गया। इस निवर्तमान मेयर गौतम सरदाना ने आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने वार्डबंदी के लिए तय की गई प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए हस्ताक्षर करने की बजाए आॅब्जेक्शन लिखवाया। दरअसल वार्डबंदी के आरक्षण ने कई पार्षदों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं।
नगर निगम क्षेत्र में 20 वार्ड हैं। स्थानीय निकाय विभाग के निर्देशानुसार जनसंख्या के आधार पर 3 वार्ड एससी के लिए, 2 वार्ड बीसी-ए के लिए, एक व वार्ड बीसी-बी के लिए और 4 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित करने को लेकर उपायुक्त के प्रतिनिधि एसडीएम बरवाला वेद प्रकाश की अध्यक्षता में ड्रॉ निकाले गए। सबसे पहले एससी वर्ग के लिए अधिकतम जनसंख्या वाले 3 वार्डों का चयन किया, जिसमें वार्ड 9, 16 व 18 हैं। इन वार्डों में से निवर्तमान पार्षद पिंकी शर्मा ने ड्रॉ निकाला, जिसमें वार्ड 9 को एससी महिला के लिए आरक्षित किया गया। बीसी- ए के 2 वार्डों के ड्रॉ निकालने के लिए बीसी-ए की जनसंख्या वाले 6 वार्ड चयनित किए, जिनमें वार्ड 1, 3, 7, 10, 12 व 20 शामिल हैं। इन वार्डों में से निवर्तमान पार्षद जय प्रकाश ने 2 ड्रॉ निकाले। वार्ड 3 व 20 को बीसी-ए वर्ग के लिए आरक्षित किया गया। वार्ड 3 व 20 से बीसी-ए महिला आरक्षित वार्ड चुनने के लिए निवर्तमान पार्षद भूप सिंह रोहिला ने ड्रॉ निकाला। वार्ड 3 को बीसी-ए महिला के लिए आरक्षित किया गया। बीसी-बी के लिए 3 वार्डों 4, 8 व 15 को लिया गया। निवर्तमान पार्षद अनिल जैन ने ड्रॉ निकाला। इनमें से वार्ड 15 को बीसी-बी महिला के लिए आरक्षित किया गया। शेष बचे 14 वार्ड 1, 2, 4, 5, 6, 7, 8, 10, 11, 12, 13, 14, 17 व 19 में से 4 महिला आरक्षित वार्ड के लिए निवर्तमान महापौर गौतम सरदाना ने ड्रॉ निकाला। इनमें से वार्ड 1, 6, 10 व 14 को सामान्य महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया। बैठक में तदर्थ समिति के सदस्यों में से निवर्तमान पार्षद प्रीतम सैनी भी मौजूद रहे। निगम की ओर से अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा, उप-निगम आयुक्त वीरेन्द्र सहारण और निगम सचिव संजय शर्मा मौजूद रहे रहे।
सरदाना ने क्या जताई आपत्ति
निवर्तमान मेयर गौतम सरदाना ने कहा कि वार्ड में जिस जाति की आबादी अधिक है, उसी के लिए उसे आरक्षित किया जाना चाहिए था। वार्ड 7 में बीसी की आबादी 5,800 थी, वार्ड नंबर 3 में इससे आधी आबादी है। बावजूद इसके वार्ड तीन को बीसी के लिए रिजर्व कर दिया गया है। इसी तरह से वार्ड 20 को भी बीसी की कम आबादी हाेने के बावजूद आरक्षित किया गया।
इस प्रकार रहेगा आरक्षण
श्रेणी वार्ड
एससी 16 व 18
एससी महिला 9
बीसी ए 20
बीसी ए महिला 3
बीसी बी महिला 15
सामान्य वर्ग महिला 1, 6, 10 , 14
ओपन वार्ड 2, 4, 5, 7, 8,11, 12, 13,17,19
बिगड़े समीकरण: डिप्टी मेयर जयबीर गुर्जर सहित 8 पार्षद अपने वार्ड से नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
हिसार। नगर निगम की नई वार्डबंदी के बाद 8 निवर्तमान पार्षद इस बार अपने वार्ड से चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। आरक्षण के चलते उनके अपने वार्ड से चुनाव लड़ने की राह पर ब्रेक लग गए हैं। वार्ड आरक्षण के बाद अब इन पार्षदों को या तो दूसरे वार्ड में जाकर लड़ना होगा या फिर चुनाव से दूरी बनानी होगी। नगर निगम के 20 में से 10 वार्ड आरक्षित किए गए हैं, जबकि 10 वार्ड सभी वर्गों के लिए खुले हैं। इनमें कोई भी चुनाव लड़ सकता है। नगर निगम में लंबे समय से अपने क्षेत्र की आवाज उठा रहे वार्ड एक के पार्षद अनिल जैन टीनू का वार्ड सामान्य वर्ग महिला के लिए आरक्षित हो गया है। इसके चलते वह चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। वार्ड 3 से पंकज दीवान पार्षद रहे थे, पिछले बोर्ड में उनकी पत्नी शालू दीवान पार्षद थी। वार्ड तीन को अब बीसी ए के लिए आरक्षित कर दिया गया है। ऐसे में दीवान दंपती अपने वार्ड से चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। वार्ड नंबर 9 से जयप्रकाश पार्षद थे, अब उनका वार्ड महिला के लिए आरक्षित होने के कारण वे चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। वार्ड 14 महिला के लिए आरक्षित होने के कारण अमित ग्रोवर चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। वार्ड 15 महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने के चलते प्रीतम सैनी यहां से खुद चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इसी तरह वार्ड 16-17 का एरिया आपस में बदला गया है। इसके बाद वार्ड 16 अनुसूचित वर्ग महिला के लिए आरक्षित हो गया है। इस कारण डॉ. महेंद्र जुनेजा अपने वार्ड से चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। डिप्टी मेयर जयबीर गुर्जर का वार्ड 18 महिला एससी के लिए आरक्षित हो गया है। वह भी अपने वार्ड से चुनाव नहीं लड़ सकेंगे न पत्नी को लड़ा सकेंगे। वार्ड नंबर 20 बीसी ए के लिए आरक्षित होने के कारण अंबिका शर्मा अपने वार्ड से चुनाव नहीं लड़ सकेंगी।
इनके लिए आया मौका
वार्ड नंबर 5 ओपन कर दिया गया है। पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन दोबारा चुनावी मैदान में आ सकते हैं। वार्ड नंबर 11 पिछली बार आरक्षित होने के कारण राजपाल मांडू चुनाव नहीं लड़ पाए थे। इस बार उनका वार्ड ओपन होने से उनके रास्ते खुले हुए हैं। वार्ड नंबर 13 पिछली बार महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने के चलते उदयवीर मिंटू ने अपनी पत्नी अमिता सिंह को चुनाव लड़ाया था। इस बार वार्ड 13 सामान्य वर्ग के लिए ओपन है।