फाइनेंस सब कमेटी की बैठक में मौजूद मेयर प्रवीण पोपली, कमेटी सदस्य व अधिकारी।
हिसार। नगर निगम कार्यालय में शुक्रवार को फाइनेंस सब कमेटी की बैठक हुई। बैठक में सब कमेटी की सदस्य व वार्ड 3 की पार्षद ज्योति वर्मा ने अधिकारियों से कहा कि मेरे वार्ड में सड़कों के निर्माण के नारियल फोड़े जा चुके हैं लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं किए गए हैं।
पार्षद की बात पर अधिकारियों ने कहा कि ग्रैप थ्री लगने के कारण निर्माण सामग्री नहीं मिल रही है। इस कारण से ठेकेदार काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं। अभी ठेकेदार को नोटिस भी नहीं दे सकते।
मेयर प्रवीण पोपली ने भी अधिकारियों से कहा कि आप मौसम के हिसाब से टेंडर लगवाए तो अधिकारी ने जवाब दिया कि हमसे पार्षद जैसी डिमांड करते हैं, हम उसी के अनुसार टेंडर लगाते हैं। कई बार सीवर या पेयजल लाइन की समस्या आ जाती है तो वहां भी काम प्रभावित होता है। फाइनेंस सब कमेटी की बैठक में 11.64 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई।
इससे पहले बैठक में एजेंडों पर चर्चा हुई। सबसे पहला एजेंडा बीड़ बबरान-श्यामसुख रोड पर स्थित राजकीय पशुधन फार्म (जीएलएफ) की भूमि पर बनाए जाने वाले सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की चहारदीवारी से संबंधित था। 55 एकड़ 6 कनाल 16 मरले भूमि पर चहारदीवारी के निर्माण पर 6 करोड़ 30 लाख 56 हजार रुपये की अनुमानित लागत आएगी। सभी सदस्यों ने इस प्रस्ताव को सहमति देते हुए पास कर दिया।
दूसरा एजेंडा सॉलिड वेस्ट प्लांट के अंदर ही विकसित किए जाने वाले सीसी रोड के निर्माण का था। इसके निर्माण पर लगभग 2 करोड़ 64 लाख 22 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। समिति ने इस प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान कर दी।
सीएंडडी वेस्ट के टेंडर पर नहीं आएगा खर्च
तीसरा टेंडर सीएंडडी के उठान व उसके परिवहन से संबंधित था। इसके टेंडर पर करीब 2 करोड़ 69 लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है। सब कमेटी ने इस पर भी अपनी मुहर लगा दी। इस एजेंडे पर अधिकारियों ने बताया कि इस वेस्ट के उठान की एवज में शहरवासियों से शुल्क भी लिया जाएगा। यह राशि जल्द ही तय कर दी जाएगी। हालांकि इस दौरान मेयर ने टेंडर पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपने मकान का मलबा निगम को नहीं देना चाहता है। वह किसी ऐसे व्यक्ति को अपना मलबा देना चाहता है जो निगम से कम शुल्क वह मलबा उठाने को तैयार है या फिर उसने मकान तोड़ने का टेंडर किसी व्यक्ति को दिया हुआ है तो इन सिथतियों में क्या होगा। इस पर अधिकारियों ने कहा कि पहले एक बार काम शुरू हो जाए तो पता चलेगा कि क्या-क्या समस्याएं आ रही हैं और फिर इन समस्याओं को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे।