हिसार। शहर के सूर्य नगर रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज और अंडरपास के लिए शहरवासियों को अगले साल अगस्त तक इंतजार करना होगा। बीएंडआर ने पुल की निर्माण अवधि 9 माह और बढ़ा दी है। पहले यह पुल इस साल नवंबर तक तैयार किया जाना प्रस्तावित था। अब अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल लगे लॉकडाउन व बिजली लाइनों के देरी से शिफ्ट होने के कारण निर्माण एजेंसी का काम प्रभावित हुआ। इसे देखते हुए पुल की निर्माण अवधि को बढ़ाया गया है।
बता दें कि फरवरी 2019 में इस पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इस पुल के साथ दो अंडरपास भी बनाए जाने हैं। इस पर करीब 70 करोड़ रुपये की लागत आएगी। शहर का सबसे लंबा रेलवे पुल होगा। इसकी लंबाई 1185 मीटर होगी। वहीं, अभी भी अर्बन एस्टेट की तरफ से बिजली की लाइन बाधा बन रही है। इस लाइन के खंभों की वजह से ड्रेनेज का निर्माण कार्य रुका पड़ा है। जब तक ड्रेनेज का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक इस तरफ अंडरपास का काम भी शुरू नहीं हो सकता। बीएंडआर लाइन शिफ्टिंग के लिए बिजली निगम के पास बजट भी जमा करा चुका है। इसके अलावा एचएसवीपी की पानी की लाइन भी शिफ्ट की जानी है। विभाग का तर्क है कि उनके पास पाइप नहीं है।
स्लैब बिछाने का काम 50 फीसदी पूरा
बीएंडआर के हिस्से पर सभी 23 पिलर बनाए चुके हैं। इन पर स्लैब बिछाने का 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। दोनों रेलवे लाइनों के बीच के हिस्से पर अंडरपास का काम पूरा हो चुका है। अब अर्बन एस्टेट व सेक्टर 3 की तरफ अंडरपास का काम बचा हुआ है। रेलवे वाले हिस्से में काम रेलवे की तरफ से किया जाना है।
करीब दो साल बाद भी रेलवे के हिस्से पर शुरू नहीं हुआ काम
अगस्त 2019 में रेलवे वाले हिस्से पर निर्माण को लेकर टेंडर अलॉट कर दिया गया था। इस टेंडर को हुए एक साल 11 माह को चुके हैं, लेकिन अभी तक रेलवे ने अपने हिस्से पर काम शुरू नहीं किया है। अधिकारियों के मुताबिक अभी तक रेलवे वाले हिस्से की ड्राइंग मंजूर नहीं हुई है। निर्माण एजेंसी की मानें तो रेलवे वाले हिस्से का काम पूरा होने में कम से कम डेढ़ साल का समय लगेगा।
इन कॉलोनियों को होगा फायदा
इस पुल व अंडरपास के बनने से सूर्य नगर, अर्बन एस्टेट, विद्युत नगर, शिव कॉलोनी, सेक्टर 3-5, सेक्टर 1-4 सहित महावीर कॉलोनी, मिल गेट एरिया के लोगों को काफी फायदा होगा।
रेलवे पुल की निर्माण अवधि बढ़ाकर अगस्त 2022 कर दी गई है। अभी भी बिजली व पेयजल लाइन शिफ्ट होनी बाकी है। - गौरव जैन, एसडीओ, बीएंडआर