हिसार। जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 60 अति-कुपोषित और 4 हजार कुपोषित बच्चों की पहचान की गई है। कुपोषित बच्चे अति-कुपोषित की श्रेणी में शामिल न हो, इसके लिए उनके पोषण में बेहतर सुधार एवं नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच की जाएगी। अति-कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दाखिल करवाया जाएगा। सिविल सर्जन गोविंद गुप्ता ने बताया कि 15 जून तक पोषण अभियान के तहत 9 माह से 5 साल तक के बच्चों के लिए विटामिन-ए सप्लीमेंट वितरित किया जाएगा।
अतिरिक्त उपायुक्त नीरज ने महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को कुपोषित एवं अति-कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी रखने एवं उनकी देखभाल करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को महिला बाल विकास विभाग की जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कुपोषित एवं अति-कुपोषित बच्चों की रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने की हिदायत दी।
एडीसी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य जांच व पोषण जरूरतों को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाए। कुपोषित बच्चों एवं उनकी माताओं की काउंसलिंग करवाई जाए। संबंधित अधिकारियों को पिछले 6 माह से एनआरसी में दाखिल बच्चों के डाटा का आंकलन करने की हिदायत दी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी मीनू राणा को निर्देश दिए कि वे अपने अधीन सभी सीडीपीओ एवं सुपरवाइजरों की बैठक कर रिपोर्ट प्राप्त करना सुनिश्चित करें।
प्रत्येक बुधवार टीकाकरण के जरिये दी जाएगी खुराक
सिविल सर्जन गोविंद गुप्ता ने बताया कि 15 मई से 15 जून तक पोषण अभियान के तहत 9 माह से 5 साल तक के बच्चों में विटामिन-ए सप्लीमेंट का वितरण किया जा रहा है। यह सप्लीमेंट प्रत्येक बुधवार को टीकाकरण के दौरान एएनएम द्वारा सब-सेंटरों पर बच्चों को दिए जाते हैं। 5 जून से 17 जून तक डायरिया से पीड़ित 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ओआरएस और जिंक की टेबलेट वितरित की जाएंगी। एनीमिया मुक्त अभियान के तहत 19 से 25 जून तक सभी व्यक्तियों, विशेष तौर पर 0 से 5, 5 से 9, 9 से 19 वर्ष तक की लड़कियों की जांच की जाएगी। एनीमिया ग्रस्त को मौके पर दवाइयां दी जाएगी।