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‘नहीं करेंगे हिंसा, गिरफ्तारी से पहले हमें मारना होगा’

Mon, 10 Nov 2014 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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हाईकोर्ट के आदेश पर संत रामपाल और रामकंवर ढाका की गिरफ्तारी करना जिला प्रशासन के लिए गले की फांस बन गया है।
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संत के अनुयायी किसी भी हालात में संत की गिरफ्तारी नहीं चाहते। इस वजह से बरवाला रोड पर स्थित सतलोक आश्रम में हररोज उनके अनुयायियों की तादाद बढ़ती ही जा रही है।

रविवार को भी लगातार दूसरे दिन आश्रम के बाहर संत के अनुयायी हजारों श्रद्धालु व ब्लैक ड्रेस पहने कमांडो मुख्य गेट के सामने सड़क पर पहरे पर डटे रहे।

तीन ग्रुप में कमांडो छत पर और आश्रम के इर्द गिर्द खड़े रहे। कुछ समय बाद बार-बार अनुयायी व्यवस्थित ढंग से ड्यूटियाें में फेरबदल कर रहे हैं।

कुछ के हाथों में हथियार और अधिकतर के हाथों में झंडा व डंडा है। पुलिस का खुफिया तंत्र पूरे दिन वहीं तैनात रहा। समर्थकों ने साफ कहा है कि वे संत की गिरफ्तारी नहीं चाहते।
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इसलिए वे हिंसा तो नहीं करेंगे, लेकिन उन्हें मारकर ही गिरफ्तारी की जा सकती है। इस वजह से प्रशासन के भी हाथ-पांव फूले हुए हैं।

रविवार को डॉक्टरों के दल ने री-मेडिकल किया और संत को चलने-फिरने में असमर्थ बताया। इसे देखते हुए संत की गिरफ्तारी पर रोक लग सकती है।

इसके बावजूद अनुयायी आश्रम में डटे हुए हैं। वहीं, राष्ट्रीय समाज सेवक समिति के मुखी रामकंवर ढाका की गिरफ्तारी में देरी की वजह से भी पुलिस प्रशासन की लाचारी झलक रही है।

हाथों में झंडा, काले रंग की ड्रेस में अनुयायी
 संत रामपाल आश्रम में दिन भर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। हाथों में सत साहेब का सफेद झंडा लेकर संत रामपाल के अनुयायी काले रंग की ड्रेस में सुबह से शाम तक गेट के सामने खड़े रहे।

हालांकि भीतर सत्संग चलता रहा और सत्संग सुनने आए अनुयायियों का आना-जाना लगा रहा। बीच-बीच में भारी संख्या में आश्रम के गेट पर आकर अनुयायी शक्ति प्रदर्शन भी करते रहे।

दिनभर लगते रहे गिरफ्तारी के कयास
आश्रम के आसपास जहां अनुयायी अपने गुरु की सुरक्षा में डटे रहे, वहीं आमजन के बीच दिन भर संत रामपाल की गिरफ्तारी के कयास लगते रहे।

बीच-बीच में अनुयायियों के सुरक्षा पहरे में बढ़ोतरी भी हो जाती। कोई भी मैसेज एक-दूसरे तक पहुंचाने के लिए सुरक्षा में लगे सादी वर्दी पहने अनुयायी वायरलैस का प्रयोग करते रहे।

मौके पर ही पहुंचे चाय और प्रसाद
सुरक्षा में तैनात अनुयायियों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया। बार-बार पानी पहुंचाने के अलावा चाय भी उनके पास भेजी गई।

इसके अलावा शाम को जब सत्संग संपन्न हुआ तो हलवे का प्रसाद भी हर सुरक्षाकर्मी तक पहुंचाया गया।

थ्री टायर सिक्योरिटी में है संत
आश्रम के मुख्य गेट के अलावा आश्रम से थोड़ी-थोड़ी दूर पर भी दो-तीन अनुयायियों के समूह पहरा देते रहे। पहले अनके अनुयायी सड़क पर घेरा लगाए खड़े हैं।

उसके बाद गेट पर और एक गेट के अंदर भी कड़ा पहरा व ब्लैक ड्रेस के कमांडो तैनात किए गए हैं। आश्रम में लगातार अनुयायियों के आने का दौर अभी भी जारी है।

आश्रम के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। आश्रम में प्रवेश करने वाले से पहले उस व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी हासिल की जा रही है।

यह था मामला
संत रामपाल को करौंथा आश्रम के मामले को लेकर आठ अगस्त को हिसार कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रोहतक कोर्ट में पेशी भुगतानी थी।

वे एक नंबर कोर्ट में हिसार पहुंचे। उनके कोर्ट पहुंचने की सूचना पर एक दिन पहले से ही उनके हजारों की संख्या में समर्थक शहर पहुंचने लगे।

कोर्ट परिसर को समर्थकों ने कब्जा लिया। वकीलों के साथ भी कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई। इसका बार एसोसिएशन ने जमकर विरोध किया और दो दिन तक वर्क सस्पेंड रखा।
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इसके बाद हाई कोर्ट ने संत रामपाल को पेशी पर हाईकोर्ट पहुंचने के निर्देश जारी किए थे। कोर्ट ने संत रामपाल के पेश नहीं होने की वजह से उनके व राष्ट्रीय समाज सेवक समिति के मुखी रामकंवर ढाका के गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।
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