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Hisar News: हैचरी निर्माण के विरोध में उतरे कोथ कलां के ग्रामीण, काम रुकवाने की गुहार

Thu, 20 Aug 2026 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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नारनौंद में प्रदर्शन करते कौथ कलां के ग्रामीण। 
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नारनौंद। गांव कोथ कलां में कापड़ो रोड पर जलघर और बिजलीघर के नजदीक निर्माणाधीन मुर्गी हैचरी, ब्रीड फार्म, लेयर फार्म और कटर फार्म से ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को ग्रामीण नारनौंद उपमंडल कार्यालय पहुंचे और एसडीएम विकास यादव को शिकायत देकर निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की।
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ग्रामीणों ने कहा कि करीब 14 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित परियोजना को किसी भी स्थिति में गांव के नजदीक शुरू नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना है कि यह मामला किसी व्यक्ति विशेष के विरोध का नहीं बल्कि गांव के पेयजल, पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है।

ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम विकास यादव ने संबंधित विभागों को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि जींद जिले के जाजवान निवासी फुल कुमार व अन्य द्वारा बड़े स्तर पर निर्माण कराया जा रहा है। उनका कहना है कि निर्माण से पहले आवश्यक विभागीय अनुमति और ग्राम पंचायत से एनओसी लेने की जानकारी उन्हें नहीं है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि संबंधित विभागों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
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सरपंच प्रतिनिधि अनिल संधू ने बताया कि निर्माण के लिए तीन बार बैठक की जा चुकी है। संबंधित व्यक्ति को पंचायत की ओर से नोटिस भी दिए गए लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन की ओर से पहले भी निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए थे लेकिन कुछ समय बाद दोबारा काम शुरू होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।

जलघर के पास निर्माण से पेयजल प्रभावित होने की आशंका
ग्रामीण सतेंद्र कोथ, रवि संधू, वेदप्रकाश, युद्धवीर, प्रवेश, राजबीर, राजबीर सिंह, संदीप, चंद्रभान, रामकुमार, जगदीश, कुलदीप, सुबे सिंह, राजेश, कृष्ण, राजकुमार का कहना है कि इसी जलघर से पूरे गांव में पेयजल की आपूर्ति होती है। हैचरी से निकलने वाले अपशिष्ट और गंदगी के कारण भविष्य में पेयजल स्रोत प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि हैचरी के पास से माइनर भी गुजरता है। इससे उसके पानी के प्रदूषित होने का खतरा बताया गया है। इसके अलावा पंचायत भूमि में कथित तौर पर बिना अनुमति बोरवेल लगाने और पाइपलाइन बिछाने की भी जांच की मांग की गई है।

दुर्गंध और बीमारियां फैलने का डर
ग्रामीणों का कहना है कि मुर्गी फार्म शुरू होने से दुर्गंध, अपशिष्ट और प्रदूषण की समस्या बढ़ सकती है। इससे गांव के लोगों, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने बिजलीघर में काम करने वाले कर्मचारियों की परेशानी का भी हवाला दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हैचरी से संबंधित भूमि रिकॉर्ड, निर्माण अनुमति, विभागीय एनओसी, बोरवेल और अन्य स्वीकृतियों की जांच कराई जाए। उन्होंने जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है।
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