हांसी। उमरा में बिजली के स्मार्ट बिजली मीटर व तार लगाने के काम के विरोध में हॉकी ग्राउंड खेल स्टेडियम में एक पंचायत का आयोजन किया गया। बैठक में फैसला लिया गया कि गांव में स्मार्ट बिजली मीटर नहीं लगने दिए जाएंगे। सोमवार को एसडीओ के माध्यम से एक्सईएन के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। यह प्रीपेड बिजली मीटर हैं। इन स्मार्ट मीटर का अन्य प्रदेशों में विरोध हो चुका है। यह किसानों के विरोध में है।
दरअसल उमरा गांव का चयन जगमग योजना में हुआ है। इसके जनवरी महीने से गांव में बिजली के पोल व तारों को बदलने का काम शुरू हुआ है। गांव में करीब 2400 बिजली मीटर हैं, जिन्हें बदलने की योजना है। ग्रामीणों को सूचना मिली की यहां पर स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाएंगे। इसलिए ग्रामीणों ने शुक्रवार को बैठक कर विरोध किया। बैठक में भारतीय किसान यूनियन मांगे राम मलिक गुट के संयोजक रणवीर मलिक ने बताया कि हरियाणा सरकार की तरफ से प्रीपेड मीटर लगाने की एक मुहिम चलाई जा रही है। उसके तहत गांव के अंदर बिजली के पोल व बिजली के तार बदले जा रहे हैं। प्रशासन को बताना चाहते हैं कि जहां पर बिजली के पोल कंडम हैं उनको प्रशासन बदल सकता है, लेकिन वह गांव के अंदर जो केबल व मीटर बदलने का काम प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। उनको हम नहीं बदलने देंगे। इस संबंध में हम सोमवार को उमरा बिजली घर के अंदर एसडीओ के माध्यम से एक्सईएन के नाम एक ज्ञापन सौंपेंगे। गांव के अंदर वह किसी भी कीमत पर स्मार्ट मीटर बिजली विभाग को नहीं लगने देंगे। बैठक में कृष्ण मालिक उमरा, सूबेदार पाले राम, मास्टर बलराज सिंह, छोटू सोनी, नरेश, बारुराम जांगडा व अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
फिलहाल गांव में कोई बिजली मीटर नहीं लग रहे। गांव में जगमग योजना के तहत काम चल रहा है। अभी बिजली के पोल बदलने का काम कर रहे हैं। फिर बिजली के तार बदले जाएंगे। बिजली के मीटर सामान्य लगेंगे।- मोहन लाल, एसडीओ, सब अर्बन डिविजन, बिजली निगम