गावों में लावारिस पशुओं से किसान बेहद परेशान हैं और इसके चलते पैसे लेकर पशुओं को आसपास के अन्य गांवों में छोड़ने की गलती स्याहड़वा और दरियापुर के कुछ लोगों को भारी पड़ गई।
हुआ यूं कि स्याहड़वा व भिवानी के दरियापुर गांव के लोग चार गाड़ियों में लावारिस सांड भरकर मंगाली में छोड़ने के लिए पहुंच गए।
इस दौरान पशुओं से फसलों की रखवाली ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया। लोगों ने चारों वाहनों को कब्जे में ले लिया, जिनमें 11 सांड भरे थे। मामले की सूचना रात को ही पुलिस को दे दी गई।
पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह दोनों पक्षों को चौकी में बुलाया। इस दौरान पंचायती से फैसला करने पर सहमति बनी। मंगाली गांव की पंचायत ने फैसला सुनाया कि दोनों गांव के जो लोग 11 पशु उनके गांव में छोड़ने के लिए आए थे।
सजा के तौर पर उन्हें गांव के 75 बेसहारा पशु लेकर जाने होंगे। वे इन पशुओं की अपने स्तर पर व्यवस्था करे या उन्हें कहीं दूसरे स्थान पर छोड़े यह स्याहड़वा व दरियापुर के ग्रामीणों पर छोड़ने का निर्णय हुआ।
पंचायत ने 75 में से 25 गोवंश स्याहड़वा और 50 दरियापुर ले जाने का फैसला सुनाया। पुलिस ने इसके बाद चारों गाड़ियों को छोड़ दिया।
प्रति पशु 800 रुपये लिए
जानकारी के अनुसार दरियापुर व स्याहड़वा गांव के लोगों ने करीब 800 रुपये प्रति पशु के हिसाब से 11 लावारिस पशुओं को गांव से बाहर छोड़ने का काम सौंपा था।
हिसार के तीन व बघेड़ के एक गाड़ी चालक ने दोनों गांवों से 11 पशुओं को चार वाहनों में डाला। इनके साथ गांव का एक और व्यक्ति यह देखने आया कि कहीं ये लोग पशुओं को उनके गांव के आसपास ही न छोड़ दे।
जब वे मंगाली के पास पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया। मंगाली सुरतिया के वजीर ने बताया कि पंचायत ने फैसला सुनाया है कि स्याहड़वा व दरियापुर के लोग सजा के तौर पर उनके गांव से 75 बेसहारा गोवंश लेकर जाएंगे।