हिसार में बसें रोककर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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बसों की कमी के चलते खेड़ी बर्की गांव के गुस्साए ग्रामीणों और छात्रों ने सोमवार सुबह रोडवेज की बस को रुकवाकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और करीब एक घंटे तक बस को रोके रखा। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छात्रों व ग्रामीणों की समस्या जानी। उसके बाद ग्रामीणों को समझा कर बस को वहां से रवाना करवाया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 150 से अधिक छात्र-छात्राएं गांव से बाहर हिसार के अलग अलग संस्थानों पढ़ने के लिए जाते हैं। लेकिन सुबह आठ बजे वाली बस बंद होने से विद्यार्थी समय पर स्कूल कॉलेज नहीं पहुंच पाते। ग्रामीणों ने बताया कि लॉकडाउन से पहले सुबह आठ बजे वाली बस हिसार से खेड़ी बर्की गांव तक आकर वापस हिसार जाती थी। इससे गांव के छात्र छात्राओं को फायदा था, लेकिन लॉकडाउन के बाद अब सब कुछ सामान्य हो गया है तो भी प्रशासन बस सेवा शुरू नहीं कर रहा है।
गांव की कई छात्राओं को मजबूर होकर पढ़ाई छोड़नी पड़ रही है या फिर गांव से तीन किलोमीटर दूर बहबलपुर गांव के बस स्टैंड पर जाना पड़ता है। हाईवे होने के कारण वहां पर भी बसों का इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सुबह वाली बस पिछले गांवों से सवारियों से ओवरलोड होकर आती है। इससे बस में पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती। विद्यार्थी बस की खिड़की से लटक कर जाते हैं, जिसके चलते कई छात्राएं तो बस से नीचे गिरने से चोटिल हो चुकी हैं। प्रशासन को बस समस्या से अवगत करवाने के बाद भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।