बरवाला/हिसार। गांव ढाणी गारण निवासी जिले सिंह की हत्या मामले में आरोपियों की तीसरे दिन भी गिरफ्तारी न होने पर परिजनों में रोष व्याप्त रहा। शुक्रवार को भी मृतक के परिजन नागरिक अस्पताल व गांव में धरने पर बैठे रहे। एक तरफ एसपी, डीएसपी व एसडीएम बरवाला धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बात की। वहीं दूसरी तरफ नागरिक अस्पताल में भी डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक कुमार परिजनों से बात करने पहुंचे। इस दौरान परिजन शव का पोस्टमार्टम करवाने पर तो सहमत हुए, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले शव को धरना स्थल पर रखने की बात पर अड़ गए। हालांकि बाद में डीएसपी अशोक कुमार के समझाने पर मान गए। देर शाम तक परिजनों को शव नहीं सौंपा गया।
उल्लेखनीय है कि गांव ढाणी गारण में किराने की दुकान चलाने वाले जिले सिंह की बाइक पर सवार होकर आए तीन नकाबपोशों ने बुधवार शाम गोली मार कर हत्या कर दी थी। इसके बाद हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठ गए थे।
देर शाम तक महिलाएं व ग्रामीण श्मशान भूमि के सामने खड़े रहे
उधर, मृतक जिले सिंह के शव को गांव के श्मशान घर में लाए जाने की सूचना मिलने पर काफी संख्या में महिलाओं सहित ग्रामीण श्मशान भूमि के सामने खड़े हो गए। इस दौरान यहां मौजूद ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा कि पुलिस कोई खेल खेल रही है। ऐसे में ग्रामीण पुलिस द्वारा की गई ऐसी कार्रवाई का विरोध करेंगे जो मृतक जिले सिंह के परिवार व सामाजिक तौर पर गलत होगी।
जिले सिंह को बताया जा रहा कोरोना पॉजिटिव
गांव ढाणी गारण के लोगों ने बताया कि पुलिस उन्हें जिले सिंह का शव सौंपने में आनाकानी कर रही है। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि जिले सिंह को कोरोना पॉजिटिव बताया जा रहा है। पुलिस जिले सिंह के शव को उन्हें इसलिए नहीं सौंपना चाहती कि ग्रामीण उसके शव को धरनास्थल पर रख कर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग करेंगे।
धरनारत ग्रामीणों की ये हैं मांगें
- मृतक जिले सिंह के हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
- मृतक जिले सिंह के परिवार पर पूर्व में दर्ज झूठे केस वापस लिए जाएं।
- मृतक के बेटे को सरकारी नौकरी दी जाए।
- मामले के सभी गवाहों को लाइसेंसी हथियार मुहैया करवाए जाएं।
- मृतक जिले सिंह के परिवार को 25 लाख रुपयों का मुआवजा दिया जाए।
10 टीमें बनाई हैं
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें बनाई गई हैं। जिनमें सीआईए, एवीटी, बरवाला थाने की टीमें हैं। शव अभी नागरिक अस्पताल के शवगृह में ही है।
-अशोक कुमार, डीएसपी हेडक्वार्टर, हिसार।