दुर्गा महोत्सव में मां की आरती करती महिला।
हिसार। ढोल-नगाड़ों, नृत्य और सिंदूर की लालिमा के बीच बंगाली समाज ने मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी। औद्योगिक क्षेत्र स्थित दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजित पांच दिवसीय महोत्सव का मंगलवार को समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते और सिंदूर उड़ाते हुए दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया। इस वर्ष महोत्सव का मुख्य संदेश ‘प्लास्टिक को कहें ना’ रहा।
समिति अध्यक्ष बी. रॉय चौधरी ने बताया कि कोलकाता के मधुसूदन चटर्जी पूजा के मुख्य पुरोहित रहे। दिल्ली के प्रसिद्ध मूर्तिकार संकर पॉल ने मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार की। महोत्सव की शुरुआत महाषष्ठी पर बोधन और उद्घाटन के साथ हुई। महासप्तमी और महाअष्टमी पर धार्मिक अनुष्ठान हुए। महाअष्टमी पर पुष्पांजलि और संधि पूजा का आयोजन किया गया। महानवमी पर श्रद्धालुओं ने मां को पुष्पांजलि अर्पित की।
समिति के संरक्षक मंडल में विधायक सावित्री जिंदल, एस भट्टाचार्य, बिक्रम जिंदल, कुलदीप भार्गव, करन तायल और राम कुमार रावलवासिया शामिल रहे। जगमोहन सूद, विजय बिंदलिश और एमपी. स्वामी ने सलाहकार की भूमिका निभाई। सचिव डॉ. अरिजीत साहा पोद्दार, कोषाध्यक्ष बरुण महातो और मुकुल घोष सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने आयोजन में सहयोग किया। इससे पहले तारानगर क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने दुर्गा पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन किया।