हिसार। शिक्षा का अधिकार अर्थात आरटीई के तहत प्रवेश कक्षा की 25 फीसदी सीटों की जानकारी देने वाले निजी स्कूलों की वेरिफिकेशन की जाएगी। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने 8 जून तक का समय दिया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि डीईईओ के अधीनस्थ कमेटी स्कूलों की दिखाई सीटों की वेरिफिकेशन करेगी। उसके बाद फाइनल वेरिफिकेशन लिस्ट को डीईईओ हस्ताक्षर कर मुख्यालय भेजेंगे। इसके बाद प्रदेश स्तर पर समस्त जिलानुसार निजी स्कूलों की लिस्ट जारी कर दी जाएगी। ताकि पता चल सकें कि कितने निजी स्कूलों ने सीटों की जानकारी दी है कितनों ने नहीं। इसके बाद सीटों की जानकारी न देने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि जिले में 139 निजी स्कूलों ने 25 फीसदी सीटों की जानकारी नहीं दी है। जबकि जिले में 781 निजी स्कूल है, जिनमें से 642 ने सीटों की जानकारी दी है।
पहले पायदान पर फरीदाबाद व सबसे फिसड्डी महेंद्रगढ़
25 फीसदी सीटों की जानकारी देने में प्रदेश स्तर पर पहले पायदान पर फरीदाबाद रहा, जहां 90.83 फीसदी निजी स्कूलों ने जानकारी दी है। दूसरे पायदान पर जींद, तीसरे स्थान पर पलवल, चौथे स्थान पर नूंह-मेवात, पांचवें स्थान पर रोहतक, छठे स्थान पर भिवानी, सातवें स्थान पर झज्ज्जर, आठवें स्थान पर चरखी दादरी, नौंवे पायदान पर सोनीपत, दसवें पायदान पर पानीपत व 11वें पायदान पर हिसार है। जबकि सबसे फिसड्डी महेंद्रगढ़ रहा।
यह है आरटीई योजना
आरटीई अर्थात शिक्षा का अधिकार योजना के तहत निजी स्कूलों को एंट्री कक्षा की 25 फीसदी सीटों का आरक्षित करना पड़ता है, जिसमें 1.80 लाख रुपये वार्षिक व इससे कम इनकम परिवारों के बच्चे दाखिला ले सकते हैं, जिसकी फीस सरकार भुगतान करती है। शर्त यह है कि इच्छुक विद्यार्थी अपने घर से एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले निजी स्कूलों में दाखिला ले सकता है।
8 जून तक निजी स्कूलों की ओर से दिखाई गई सीटों की वेरिफिकेशन की जाएगी। अधीनस्थ कमेटी का गठन कर दिया गया है।
- निर्मल दहिया, डीईईओ, हिसार।