ग्रामीणों का कहना था कि गांव में वर्षों से पेयजल संकट बना हुआ है। वे भाखड़ा नहर से हांसी के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन से टी कनेक्शन चाहते थे। इसी मांग पर ग्रामीणों ने गांव में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। यह धरना बाद में एक बड़े आंदोलन में बदल गया।
चानौत गांव का लगभग दो महीने से चला आ रहा पेयजल आंदोलन अब समाधान की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को 11 सदस्यीय संघर्ष समिति से मुलाकात की। उन्होंने राजली हेड से हांसी शहर की पाइपलाइन में टी कनेक्शन देने का आश्वासन दिया।
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मनोहर लाल ने कहा कि गांव के लिए भाखड़ा नहर से जो पाइपलाइन बिछाई गई उससे भी गांव को पानी दिया जाएगा और हांसी की पाइपलाइन से टी कनेक्शन मिलेगा। संघर्ष समिति ने हांसी के रेस्ट हाउस में इस प्रस्ताव पर सहमति जताई। समिति सदस्यों ने गांव के लोगों से चर्चा के बाद जल्द ही धरना समाप्त करने की घोषणा की बात कही। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में वर्षों से पेयजल संकट बना हुआ है। वे भाखड़ा नहर से हांसी के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन से टी कनेक्शन चाहते थे। इसी मांग पर ग्रामीणों ने गांव में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। यह धरना बाद में एक बड़े आंदोलन में बदल गया।
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आंदोलन का घटनाक्रम
आंदोलन के दौरान प्रशासन और ग्रामीण कई बार आमने-सामने आए। धरना स्थल हटाने को लेकर तनाव की स्थिति बनी थी। पुलिस बल तैनात करना पड़ा और प्रशासन ने आंदोलनकारियों को नोटिस भी जारी किए। कई दौर की वार्ता के बावजूद समाधान नहीं निकल पाया था।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर असर
ग्रामीणों ने 17 जुलाई को जींद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में अपनी मांग उठाने की घोषणा की थी। इसके मद्देनजर प्रशासन ने गांव के बाहर बैरिकेडिंग कर दी थी। एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल हिसार में पूर्व राज्यसभा सदस्य सुभाष चंद्रा के पिता नंदकिशोर गोयंका के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने चानौत संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों से विस्तृत बातचीत की। इस बैठक में सुझाए गए समाधान पर दोनों पक्षों के सहमत होने के बाद लंबे समय से चला आ रहा विवाद अंतिम चरण में पहुंच गया है।