घिराय। खेदड़ में नव-निर्मित ई-लाइब्रेरी की उद्घाटन पट्टिका पर सरपंच का नाम नहीं होने से शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना शनिवार की है। झड़प में दोनों पक्ष के नौ लोग घायल हुए थे जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। पुलिस ने तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एहतियात के तौर पर सोमवार को धारा 163 लागू कर गांव में 24 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
जिला परिषद चेयरमैन सोनू सिहाग डाटा ने तीन सितंबर को खेदड़ में ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन किया था। ग्राम पंचायत की 350 से 400 गज भूमि पर बनी लाइब्रेरी के निर्माण में जिला परिषद की ओर से करीब 28 लाख रुपये, ग्राम पंचायत की ओर से 7 से 8 लाख रुपये और राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट की सीएसआर निधि से करीब 33 लाख रुपये का सहयोग मिला। उद्घाटन के दौरान लगाई गई पट्टिका पर सरपंच रेनू रानी का नाम नहीं होने पर ग्रामीणों के एक वर्ग ने आपत्ति जताई। पंचायत की भूमि और आर्थिक सहयोग के बावजूद सरपंच का नाम नहीं होने पर विरोध हुआ। एक पक्ष के लोगों ने लोहे की रॉड से उद्घाटन पट्टिका उखाड़ दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद और बढ़ गया। इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हुई।
तीन प्राथमिकी में अलग-अलग आरोप
पहली प्राथमिकी जयपाल की शिकायत पर दर्ज हुई। इसमें विक्रम, विजय, अनिल, प्रदीप, राजबीर, बलजीत, अमित, दीपु, सचिन, सतबीर समेत अन्य पर गोगा पीर मंदिर और बाद में रास्ते में घेरकर हथियारों व डंडों से हमला करने, कई लोगों को घायल करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। दूसरी प्राथमिकी विक्रम की शिकायत पर दर्ज हुई। उसके अनुसार तीन सितंबर को लाइब्रेरी में जिला परिषद अध्यक्ष सोनू सिहाग के नाम की उद्घाटन पट्टिका लगाने को लेकर हुए विवाद की रंजिश में जयपाल, शमशेर उर्फ शेरू, सुरेश और अन्य लोगों ने पीछा कर रास्ता रोक लिया। आरोप है कि लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया गया जिसमें कई लोग घायल हुए। तीसरी प्राथमिकी पुलिस की ओर से छह सितंबर को दर्ज की गई। इसमें आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद शमशेर उर्फ शेरू और उसके साथ आए लोग लाइब्रेरी की दीवार फांदकर परिसर में घुस गए और जिला परिषद अध्यक्ष सोनू सिहाग के नाम की उद्घाटन पट्टिका तोड़ दी।
पंचायत में पहुंचे एक पक्ष के लोग
बरवाला थाना प्रभारी एवं जांच अधिकारी कर्मजीत सिंह ने बताया कि सभी घायलों का उपचार कराया गया है। फिलहाल गांव में स्थिति शांतिपूर्ण है। सोमवार को विवाद सुलझाने के लिए पंचायत भी बुलाई गई लेकिन इसमें केवल एक पक्ष के लोग पहुंचे। दूसरे पक्ष के नहीं आने से सहमति नहीं बन सकी।
ई-लाइब्रेरी केवल जिला परिषद की ग्रांट से नहीं बनी है। पंचायत ने भूमि उपलब्ध कराने के साथ आर्थिक सहयोग भी दिया है। थर्मल प्लांट की सीएसआर निधि से भी राशि मिली है। जब अन्य विकास कार्यों की उद्घाटन पट्टिकाओं पर सरपंच का नाम अंकित किया जाता है तो इस परियोजना में ग्राम पंचायत और सरपंच का नाम क्यों नहीं जोड़ा गया। उद्घाटन पट्टिका सरकारी प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं लगाई गई।
- शेरू, सरपंच प्रतिनिधि, खेदड़।
तीन सितंबर को जिस लाइब्रेरी का उद्घाटन किया गया वह जिला परिषद की ग्रांट से तैयार किया कार्य था। उद्घाटन पट्टिका पर सरपंच का नाम नहीं होने को लेकर उन्हें कोई एतराज नहीं है। लाइब्रेरी निर्माण में जिला परिषद की ग्रांट के अलावा ग्राम पंचायत या किसी अन्य संस्था का सहयोग रहा है तो पंचायत अपनी ओर से अलग उद्घाटन पट्टिका लगा सकती है। - सोनू सिहाग डाटा, चेयरमैन, जिला परिषद।