जिले से सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली दो छात्राओं का चयन जापान टूर के लिए किया गया है। साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के जापान-एशिया यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को जापान की सैर करवाई जाएगी। इन छात्राओं का चयन दसवीं कक्षा में प्राप्त इनके अंकों के आधार पर किया गया है।
बता दें कि पिछले दिनों साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की तरफ से जापान टूर को लेकर सरकारी स्कूलों में विज्ञान संकाय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के आवेदन आमंत्रित किए थे। जिले से करीब 36 विद्यार्थियों ने इसके लिए आवेदन किया था। विभाग ने इन विद्यार्थियों के दसवीं कक्षा में अंकों के आधार पर जिले की दो छात्राओं का चयन जापान टूर के लिए किया है।
इन छात्राओं का किया चयन
जिन दो छात्राओं का चयन इस टूर के लिए किया गया है, उनमें गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बहबलपुर की 11वीं कक्षा (विज्ञान संकाय) की निशा और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल सरसौद बिछपड़ी की 11वीं कक्षा (विज्ञान संकाय) की छात्रा साक्षी शामिल है। निशा ने दसवीं कक्षा में 98.4 प्रतिशत और साक्षी ने 97.6 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।
विद्यार्थियों का विज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाना है मकसद
साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की तरफ विद्यार्थियों का विज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए यह योजना शुरू की गई है। इससे पहले वर्ष 2018 में विभाग की तरफ से प्रदेश भर से छह विद्यार्थियों को जापान की सैर करवाई गई थी, उस समय जिले से दो विद्यार्थियों का चयन किया गया था।
अप्रैल में जापान घूमने जाएंगे चयनित विद्यार्थी
चयनित विद्यार्थी अप्रैल में जापान जाएंगे। यह टूर कार्यक्रम एक सप्ताह का होगा। इस दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न साइंस इंस्टीट्यूट के अलावा दर्शनीय स्थलों पर ले जाया जाएगा। हालांकि अप्रैल में किस तिथि को ये विद्यार्थी जापान के लिए रवाना होंगे, यह शेड्यूल अभी तक जारी नहीं किया गया है।
अन्य जिलों से जाएंगे छह विद्यार्थी
इस टूर के लिए प्रदेश भर से आठ विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जिनमें हिसार के अलावा एक भिवानी, एक फतेहाबाद, दो फरीदाबाद और एक-एक विद्यार्थी का चयन कैथल व करनाल जिले से किया गया है। इन आठ विद्यार्थियों में से सात छात्राएं हैं।
यह विभाग की एक अच्छी योजना है। इससे अन्य विद्यार्थियों का भी विज्ञान विषय की तरफ से रुझान बढ़ेगा। आठ में से दो विद्यार्थी हमारे जिले से हैं तो यह हमारे लिए गर्व की बात है।
पूर्णिमा गुप्ता, जिला विज्ञान विशेषज्ञ