मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली सूचना के आधार पर सोमवार को विजिलेंस की टीम ने छापा मारकर कैंट एरिया की हनुमान कॉलोनी के एक घर से 254 सरकारी गेहूं के कट्टे पकडे़। विजिलेंस की टीम ने डीएफएसी डॉ. घनश्याम को सरकारी कट्टों के आधार डिपो संचालकों की पहचान करने के लिए बुलाया।
विजिलेंस ने इस मामले में डिपो संचालक जयवीर और विजेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वहीं विजिलेंस ने गेहूं लेकर आए ट्रक ड्राइवर को भी हिरासत में ले लिया। डीएफएससी डॉ. घनश्याम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सातरोड़ कला के डिपो धारक जयवीर और बिजेंद्र की डिपो की सप्लाई को अन्य डिपो धारकों को भेजने के आदेश दे दिए।
इसी के साथ विजिलेंस को भी उन पर कार्रवाई करने की सिफारिश की। डिपो संचालकों पर पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम का उल्लंघन करने के साथ-साथ एसेंशियल कमोडिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले में आईपीसी की धारा 420 के तहत भी मामला दर्ज किया जाएगा।
साथ नहीं था कोई अधिकारी
विजिलेंस टीम के इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि मिलिट्री इंटेलिजेंस ने फोन कर उन्हें सूचना दी कि कैंट एरिया की हनुमान कॉलोनी में सरकारी गेहूं एक निजी घर में उतारा जा रहा है। सूचना मिलने के बाद वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पाया कि एक ट्रक चालक एक घर में सरकारी गेहूं के कट्टे उतार रहा था।
उस समय कोई भी कान्फेड अधिकारी या कर्मचारी वहां पर मौजूद नहीं था। जब मामले की खोजबीन की गई तो पता चला कि ट्रक में 254 कट्टे सरकारी गेहूं के थे, जो सातरोड़ कला के डिपो धारकों जयवीर और विजेंद्र के डिपो पर उतारने थे। सातरोड़ कला के डिपो धारक जयवीर के 125 और विजेंद्र के 129 कट्टे उतारने थे।
बिना रिसीविंग कैसे उतार सकते है गेहूं
विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि सरकारी एजेंसी के अधिकारी या कर्मचारी की अनुपस्थिति के बिना कोई भी ट्रक चालक गेहूं नहीं उतार सकता है क्योंकि गेहूं उतारने के साथ ही उसे उतारे गए अनाज की रिसीविंग लेनी होती है। अगर बिना रिसीविंग या सरकारी डिपो के अनाज उतारा जाता है तो वह कानून गलत है।
ऐसे में डिपो धारक व ट्रक चालक दोनों पर मामला बनता है। भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि दोनों डिपो धारक जयवीर और विजेंद्र्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। ट्रक ड्राइवर को भी हिरासत में ले लिया गया है।