हिसार के हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए वर्ष 2014 में यहां काम शुरू हुआ है। उस समय एयरपोर्ट के पास 200 एकड़ जमीन था। दो चरणों में इसमें 7 हजार एकड़ जमीन को जोड़ा गया। यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा, क्योंकि किसी भी एयरपोर्ट के पास इतनी जमीन नहीं है।
1300 एकड़ में विकसित होंगे वर्ल्ड पोर्ट, मेगा कार्गो पोर्ट व ड्राई पोर्ट
एयरपोर्ट के पास 2988 एकड़ जमीन पर इंटीग्रेटेड मार्केटिंग क्लस्टर तैयार किया जाएगा। इसमें से 1300 एकड़ जमीन पर वर्ल्ड पोर्ट, मेगा कार्गो पोर्ट व ड्राई पोर्ट स्थापित किया जाएगा। इंटीग्रेटेड मार्केटिंग क्लस्टर डिफेंस और एयरोस्पेस केंद्रित होगा। इसमें विश्व की बड़ी कंपनियों को उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
एनआईसीडीसी ने औद्योगिक विकास के लिए हरियाणा सरकार की ओर से दिया गया प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। एनआईसीडीसी की तरफ से हरियाणा सरकार को केंद्र सरकार की इक्विटी के तौर पर 1811 करोड़ रुपये दिए गए हैं। अमेरिका की ट्रेड एंड डेवलपमेंट एजेंसी इंटीग्रेटेड एविएशन हब बनाने के लिए तकनीकी और आर्थिक सहायता देगी। इससे एयरपोर्ट पर माल लाने और भेजने की सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी।
एयरपोर्ट पर फिनिशिंग का कार्य अंतिम चरण में है। लाइसेंस मिलने से पहले यहां ट्रायल लैंडिंग करवाई जाएगी। इस लैंडिंग से पता चलेगा कि एयरपोर्ट उड़ान सेवाओं के लिए तैयार है। संभावना है कि अगस्त के पहले सप्ताह में यह ट्रायल लैंडिंग करवाई जाएगी। -डॉ. कमल गुप्ता, नागरिक उड्डयन मंत्री।