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हिसार: निगम कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ घायल कर्मी का उपचार, हमला करने वाले दो पशुपालकों पर केस दर्ज

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नागरिक अस्पताल में कर्मचारी का हालचाल जानने पहुंचे मेयर गौतम सरदाना। संवाद 
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हिसार। नगर निगम की पशु पकड़ने वाली टीम में तैनात कर्मचारी पर हमला करने के मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने वीरवार को दो पशुपालकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वहीं, निगम कर्मचारियों ने नागरिक अस्पताल प्रशासन पर घायल कर्मचारी का ठीक से इलाज न करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में नारेबाजी की। कर्मचारियों की मानें तो प्रदर्शन के बाद ही घायल का इलाज शुरू किया गया। मेयर गौतम सरदाना भी घायल कर्मचारी का हालचाल जानने पहुंचे। उन्होंने कहा कि एसपी लोकेंद्र सिंह से मिलकर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाई जाएगी। इस मौके पर एएमसी डॉ. प्रदीप हुड्डा, यूनियन प्रधान राजेश बागड़ी आदि मौजूद रहे।
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आंबेडकर बस्ती निवासी एवं निगम कर्मचारी कृष्ण ने बताया कि उसकी ड्यूटी बेसहारा पशुओं को पकड़ने में लगी हुई है। 2-3 दिन पहले सुंदर नगर निवासी बुआ के लड़के पास के मोनिया गुर्जर के पिता करतार आए। उन्होंने कहा कि कृष्ण को निगम से हटा लो, वह हमारी गाय पकड़ता है, अन्यथा उसके हाथ-पैर तोड़ देंगे। 15 फरवरी को वह टीम के साथ महाबीर कॉलोनी में बेसहारा पशु पकड़ने गए थे। वहां श्यामलाल ढाणी निवासी मोनिया गुर्जर व महाबीर कॉलोनी निवासी जोगिन्द्र सैनी स्कूटी पर आए और टीम के साथ गाली-गलौज की। इसके बाद शाम को वह, सुमेर व अन्य स्कूटी पर सवार होकर प्रेम नगर से निगम कार्यालय के सामने वाली गली में पहुंचे तो मोनिया व जोगिंद्र अपने हाथ में रॉड व बिंडा लेकर आ गए और हमारे आगे अपनी स्कूटी अड़ाकर रुकवाया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने कृष्ण पर हमला कर दिया और उसकी जेब से पांच हजार रुपये निकालकर फरार हो गए। टीम इंचार्ज कमल ने घायल को अस्पताल पहुंचाया। निगम कर्मचारी इस मामले को लेकर निगमायुक्त प्रदीप दहिया से भी मिले।
कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद किया घायल का एक्सरे

नगर पालिका कर्मचारी यूनियन इकाई हिसार के पदाधिकारी वीरवार को घायल कर्मचारी से मिलने पहुंचे। अचानक ही यहां उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। यूनियन पदाधिकारियों का कहना था कि अस्पताल प्रशासन ने 15 घंटे के बाद भी घायल कर्मचारी का इलाज शुरू नहीं किया है। अभी तक घायल कर्मचारी का एक्सरे भी नहीं करवाया गया है। कर्मचारियों के प्रदर्शन करते ही अस्पताल प्रशासन ने घायल कर्मचारी का इलाज शुरू किया और एक्सरे आदि करवाया। उधर, पुलिस ने भी घायल कर्मचारी के बयान दर्ज किए। इसके अलावा यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ निगम प्रशासन को एफआईआर दर्ज करवानी चाहिए, न कि घायल कर्मचारी की तरफ से। वहीं हिसार संघर्ष समिति अध्यक्ष जितेंद्र श्योराण ने प्रशासन से मांग की कि शहर में बने अवैध पशु बाड़ों को तोड़ा जाए और दुधारू पशुओं को सड़कों पर छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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निगम का बेसहारा पशु पकड़ने का अभियान रहा बाधित

निगम कर्मचारी पर हमले की घटना के कारण वीरवार को शहर से बेसहारा पशु पकड़ने का अभियान बाधित रहा। इससे पहले निगम की टीम काफी दिनों से लगातार शहर से बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोअभयारण्य पहुंचा रही थी। बागड़ी बोले आरोपियों की गिरफ्तारी तक पशु पकड़ो अभियान बंद रहेगा।
निगम तहबाजारी इंचार्ज से की बदसलूकी
निगम तहबाजारी इंचार्ज सुरेंद्र शर्मा से वीरवार को कुछ लोगों ने बदसलूकी की। यही नहीं आरोपियों ने टीम के एक सदस्य का मोबाइल भी छीन लिया। मगर जब मामला पुलिस के पास पहुंचा तो आरोपियों ने तहबाजारी टीम से माफी मांग ली। सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि वीरवार को उनकी टीम 12 क्वार्टर रोड से अवैध होर्डिंग हटा रही थी।

इसी दौरान एक खाली प्लॉट में लगे होर्डिंग को हटाने पर पास स्थित एक दुकान के मालिक ने उनके साथ बदतमीजी की। यही नहीं उक्त दुकानदार ने अभियान की रिकॉर्डिंग कर रहे निगम कर्मचारी का मोबाइल भी छीन लिया। यही नहीं दुकानदार ने टीम के खिलाफ पुलिस थाने में भी जाने की धमकी दी तो सुरेंद्र शर्मा ने भी हामी भर दी। इसके बाद दोनों पक्ष थाने में पहुंचे। यहां दोनों पक्ष सुनने के बाद पुलिस कर्मचारियों ने इस मामले में दुकानदार को गलत ठहराया। इस पर दुकानदार ने तहबाजारी इंचार्ज से माफी मांगकर मामले को रफा-दफा करवा दिया।
निगम कर्मचारी की शिकायत पर आरोपी मोनिया गुर्जर व जोगिंद्र सैनी के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। - दलबीर सिंह, प्रभारी, सिविल लाइन पुलिस थाना
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