हिसार। हिसार-लुधियाना रेलवे ट्रैक को दुरुस्त करते कर्मचारी।
हिसार। आरसीसी बॉक्स की लॉन्चिग के दौरान हुए हादसे के बाद हिसार-लुधियाना रेलवे ट्रैक पर बंद की गई ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी रेलवे फाटक से ट्रेनों को 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ही गुजारा जा रहा है। उधर, सोमवार को भी ट्रैक को दुरुस्त करने का काम किया गया। बारिश की संभावना को देखते हुए रेलवे ट्रैक के साथ मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए इंतजाम भी किए गए हैं।
बता दें कि सूर्यनगर में हिसार-लुधियाना रेलवे ट्रैक पर अंडरपास के निर्माण को लेकर रविवार सुबह आरसीसी बॉक्स की लॉन्चिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक क्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण लॉन्चिंग को रद्द करना पड़ा था। इसके अलावा ट्रैक से ट्रेनों की आवाजाही भी बंद कर दी गई थी। दुर्घटना के कारण अधिकारियों ने रात 8 बजे तक का ब्लॉक ले लिया था। ट्रैक को दुरुस्त करने में 11 घंटे का समय लगा था। रात 10 बजे के बाद पहली ट्रेन यहां से गुजारी गई थी। चूंकि रेलवे ट्रैक के नीचे व किनारों पर डाली गई मिट्टी काफी नरम है। यह मिट्टी न खिसके, इसे देखते हुए ट्रेनों को 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ही ट्रेनों को यहां से गुजारा जा रहा है।
ठेकेदार को प्रतिदिन एक लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान
आरसीसी बॉक्स की लॉन्चिंग रद्द होने से ठेकेदार को प्रतिदिन एक लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ रहा है। लॉन्चिंग के लिए पंजाब से लाई गईं तीन क्रेनों का प्रतिदिन का किराया ही करीब 70 हजार रुपये है। इसके अलावा 7 पॉपलेन भी किराये पर लाई गई हैं। साथ ही इस कार्य के लिए अतिरिक्त मजदूर भी लगाए गए हैं। ठेकेदार की मानें तो इन सभी का प्रतिदिन का खर्चा एक लाख रुपये से ज्यादा बनता है।
बारिश आई तो रेलवे ट्रैक को हो सकता है नुकसान
दो दिनों से बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने भी अच्छी बारिश की संभावना जताई हुई है। मगर, यह बारिश ठेकेदार व रेलवे अधिकारियों की परेशानी बढ़ा सकती है। क्योंकि अभी रेलवे ट्रैक के नीचे व किनारे डाली गई मिट्टी काफी नरम है। बारिश आने पर यह मिट्टी का कटाव होने से रेलवे ट्रैक धंस भी सकता है। इसे रोकने के लिए हालांकि ट्रैक के किनारे पॉलिथीन बिछाई गई है।