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टोल प्लाजा पर पुलिस तैनाती को 11 जिलों के डीसी को लिखा पत्र

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बड़ोपत्ती स्थित टोल प्लाजा। फाइल फोटो - फोटो : Hisar
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प्रदेश के टोल प्लाजा पर पुलिस की तैनाती के लिए एनएचएआई के परियोजना कार्यान्वयन इकाई (प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट) रोहतक क्षेत्र के जीएम टेक्नीकल एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर वीके शर्मा ने उपायुक्तों को पत्र लिखकर टोल पर सुरक्षा के लिए पुलिस सहायता की मांग की है। उनका कहना है कि टोल से गुजरते समय लोग छूट प्राप्त करने के लिए मारपीट पर उतारू हो जाते हैं और टोल को भी नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही टोल प्लाजा के कर्मचारियों को एनएच जाम करने की धमकी भी देते हैं।
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पत्र में कहा गया है कि बिना शुल्क दिए टोल क्रॉस करने वालों द्वारा कर्मचारियों के साथ लड़ाई-झगड़ा करने, धमकी देने आदि के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके चलते उपायुक्तों से मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाते हुए पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की गई है।
इन जिलों के डीसी को लिखा पत्र
जीएम ने रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, सोनीपत, पानीपत, भिवानी, हिसार, जींद, करनाल, चरखी दादरी और कैथल के उपायुक्तों को पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि छूट लेने की चाह रखने वालों में अधिकतर टोल प्लाजाओं के आसपास के गांवों के लोग अधिक होते हैं। वे जबरदस्ती छूट लेने के लिए झगड़ा भी करने लगते हैं। नियमों के अनुसार 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के लोगों को टोल में निर्धारित छूट का लाभ दिया जाता है।
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इस तरह करते हैं जबरदस्ती
टोल पर बिना शुल्क दिए निकलने का प्रयास करने वालों में कुछ लोग आसपास के गांवों के लोग होते हैं, जो 20 से अधिक किलोमीटर के दायरे में आते हैं। कुछ लोग ऐसे होते हैं जो निर्धारित 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले अपने जान-पहचान वालों के पहचान पत्र लेकर गाड़ी निकालने का प्रयास करते हैं। इसके अलावा कुछ लोग टोल कर्मचारियों को धमकी देकर भी वाहन निकालते हैं।
15 तक करेंगे जागरूक
जबरदस्ती वाहन टोल से बिना शुल्क के निकालने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आने और 7 जुलाई से ऐसे वाहनों को टोल न पार करने देने के निर्देश टोल अधिकारियों के पास पहुंचे हैं। इसके बावजूद टोल अधिकारियों ने किसी भी तरह की हिंसात्मक स्थिति से बचने के लिए ऐसे लोगों को 15 जुलाई तक का समय देते हुए उन्हें जागरूक करने का निर्णय लिया है। इस अवधि में गांवों के सरपंचों के द्वारा, सोशल मीडिया के माध्यम से और टोल पर क्रॉसिंग के साथ वाहन चालकों को जानकारी दी जा रही है। 16 जुलाई से केवल पहचान पत्र देखकर ही ऐसे वाहनों को टोल क्रॉस करने दिया जाएगा।
हाल में नरवाना टोल पर कर्मियों से दुर्व्यवहार की घटना हुई है। 11 जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखा गया है और प्रशासन व पुलिस से सहायता मांगी है। फिलहाल सरपंचों और अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। नियमानुसार टोल में छूट दी जा रही है। 100 प्रतिशत फास्टैग करने के आदेश हैं, लेकिन कुछ लोग अब भी अनावश्यक रूप से छूट लेना चाहते हैं।
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- पुष्पेंद्र सिंह, डीएमटी, एनएचएआई, हिसार।
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