हिसार। नगर निगम परिसर में मंगलवार को होने वाली डेयरी प्लॉटों की खुली बोली पुलिस के पहरे के बीच में होगी, ताकि बोली में किसी तरह की बाधा न पड़े। इससे पहले 8 दिसंबर को आयोजित बोली कार्यक्रम डेयरी मालिकों के विरोध के कारण रद्द करना पड़ा था। इसी कारण से इस बार निगम प्रशासन ने बोली पुलिस पहरे के बीच में करवाने का फैसला किया है।
बता दें कि डेयरी संचालक शुरू से ही इस खुली बोली का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि डेयरी प्लॉटों की खुली बोली न करवाई जाए, बल्कि इन्हें ड्रॉ सिस्टम से आवंटित किया जाए। इसके अलावा प्लॉट बिना ब्याज के किस्तों पर उपलब्ध कराए जाएं। इस बारे में निगम प्रशासन का तर्क है कि वह सरकार के फैसले के अनुुसार ही डेयरी प्लॉटों की खुली बोली करवा रहा है।
कई बार व्यवधान डाल चुके हैं डेयरी संचालक
निगम प्रशासन के अनुसार डेयरी संचालक कई बार बोली में व्यवधान डाल चुके हैं। एक बार डेयरी संचालक व बोलीदाता के बीच काफी बहस हुई थी, जिस कारण से बोली कार्यक्रम में बाधा पड़ी थी। इसके अलावा 8 दिसंबर को हुई बोली डेयरी संचालकों के विरोध के कारण रद्द करनी पड़ी थी। इस दौरान डेयरी संचालक निगम परिसर में बोली रद्द करने को लेकर नारेबाजी करने लग गए थे। इस बार भी डेयरी संचालकों ने खुुुली बोली का विरोध करने और बोली में शामिल न होने का फैसला किया है।
394 प्लॉटों की होगी खुली बोली
नगर निगम प्रशासन की ओर से साउथ बाईपास पर डेयरी प्रोजेक्ट के लिए 50 एकड़ जमीन चयनित की हुई है। यहां डेयरी मालिकों के लिए 1000, 500, 350 व 250 वर्ग गज के 410 प्लॉट हैं। अभी तक इनमें से 16 प्लॉट खुली बोली में आवंटित किए जा चुके हैं। अब बचे हुए 394 प्लॉटों के लिए खुली बोली करवाई जाएगी। बोली में निगम की सर्वे सूची में शामिल किए डेयरी संचालक व पशुपालक भाग ले सकेंगे।
गोबर गैस प्लांट से लेकर पशु हॉस्टल तक की सुविधा
एक्सईएन संदीप सिहाग ने बताया कि डेयरी प्रोजेक्ट की जमीन पर नगर निगम प्रशासन द्वारा भविष्य के अनुरूप पशुपालकों के लिए सुविधाओं का निर्धारण किया गया है। यहां गोबर गैस प्लांट से लेकर पशु हॉस्टल तक का निर्माण किया जाएगा। साथ ही सोलर प्रोजेक्ट के साथ चिलिंग प्लांट व मिल्किंग प्लांट भी बनाया जाना प्रस्तावित है।