भट्टू कलां। तंबाकू का सेवन जानलेवा है। दुनियाभर में इसकी खपत साल दर साल बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि दुनियाभर में कम उम्र में होने वालीं मौतों का एक प्रमुख कारण तंबाकू के तमाम उत्पादों का सेवन भी है। यह बात पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के मुख्य योग सेवक डाॅ. मदन गोपाल आर्य ने अग्रसेन भवन भट्टू मंडी में चल रही निशुल्क योग कक्षा में विश्व तंबाकू व धूम्रपान निषेध दिवस पर कही।
उन्होंने कहा कि दुनिया के कई विकासशील देशों में तंबाकू उपभोग तेजी से बढ़ता जा रहा है। एक अध्ययन के अनुसार भारत तंबाकू का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में 15 साल या उससे अधिक उम्र के करीब 31 करोड़ लोग तंबाकू का सेवन करते हैं। इनमें से लगभग 22 करोड़ लोग तंबाकू को गुटखा, खैनी, पान मसाला या पान के रूप में सीधे अपने मुंह में रख लेते हैं। दस करोड़ लोग ऐसे हैं, जो सिगरेट, हुक्का या फिर सिगार में तंबाकू भरकर कश लगाते हैं। सिगरेट, सिगार और बीड़ी का सेवन गंभीर और जानलेवा बीमारियों को बुलावा है।
इस मौके पर साधुराम, महेंद्र गर्ग, अमित सिंगला, जेपी बंसल, मनोज कुमार, गोविंद, किरण, अंजु, मिताली, मुस्कान, राधा रानी, कुसुम, मीनाक्षी, सीमा, ममता, पुष्पा सहित कई साधक उपस्थित थे।