शहर में सस्ते आवास का सपना फिलहाल पूरा नहीं हो सकेगा। प्रॉपर्टी बाजार में मंदी के चलते सस्ते आवास के लिए बनाई गई दीन दयाल उपाध्याय जन आवास योजना के लिए किसी ने आवेदन नहीं किया। जिले से एक भी आवेदन नहीं होने के कारण नई आवासी कॉलोनी विकसित नहीं होगी।
भाजपा की सरकार बनने के बाद 2016 में डीडीयू जन आवास योजना का एलान किया गया था, जिसमें 5 एकड़ तक की कॉलोनी विकसित करने के लिए बिल्डर्स से आवेदन मांगे गए थे। प्रदेश सरकार ने लाइसेंस के लिए फीस भी महज एक लाख रुपये प्रति एकड़ तक सीमित कर दी थी। नई आवासीय योजना में अधिकतम 150 गज तक के प्लाट विकसित करने का प्लान था। पिछले साल फरवरी में घोषित इस योजना के लिए तीन महीने का समय तय किया गया था, जिसमें हिसार जिले से एक भी आवेदन नहीं आया। जानकारी के अनुसार एक कंपनी ने आवेदन किया था। जो तकनीकी कारणों से खारिज हो गया। योजना में अब नए लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं लिए जा रहे। ऐसे में लोगों को सेक्टर के महंगे प्लाट खरीदने को मजबूर होना पडे़गा।
लाइसेंसी कॉलोनियों का सपना टूटा
उम्मीद की जा रही थी कि नई आवासीय पालिसी के बाद लोगों को लाइसेंसी कॉलोनियों में सस्ते प्लाट मिलेंगे। लोगों को शहरी एरिया में 8 से 10 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से प्लाट मिल सकेंगे। लाइसेंसी कॉलोनी में लोगों को बिजली, पानी, सड़क सभी सुविधाएं मिलने की उम्मीद भी थी।
एनसीआर के लिए सबसे ज्यादा आवेदन
योजना के तहत करीब 157 कंपनियों ने लाइसेंस मांगे, जिसमें सबसे अधिक लाइसेंस गुरुग्राम के लिए मांगे गए। इसके अलावा फरीदाबाद, सोहना, सोनीपत, झज्जर, करनाल, रेवाड़ी, पलवल, पंचकूला के लिए आवेदन किए गए हैं।
इन जिलों को नहीं पसंद योजना
जन आवास योजना में हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, भिवानी, कैथल, महेंद्रगढ़ सबसे फिसड्डी रहे। इन जिलों में किसी ने कंपनी ने लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं किया।
सेक्टर एरिया महंगे
शहर में सेक्टर 14, सेक्टर 15, सेक्टर 13, अर्बन इस्टेट टू सबसे महंगे एरिया हैं। इसके बाद सेक्टर 9-11, सेक्टर 1-4, सेक्टर 3-5, सेक्टर 16-17, मेला ग्राउंड सेक्टर के रेट हैं। करीब तीन साल पहले ड्रॉ के जरिए दो नए सेक्टर के प्लाट दिए गए थे। इन सेक्टर 14 पी व तथा सेक्टर 33 की पजेशन नहीं मिल सकी है।
दो नए सेक्टर की उम्मीद
हिसार में कामर्शियल सेक्टर तथा एक आवासीय सेक्टर विकसित किया जाना है। दिल्ली बाईपास के नजदीक यह दोनों सेक्टर विकसित किए जाने हैं। इन सेक्टर को लेकर लोगों में अधिक क्रेज नहीं है। लोकेशन दूर होने के कारण यह सेक्टर सही नहीं माने जा रहे।
दीन दयाल आवास योजना अर्फोडेबल हाउसिंग पॉलिसी के तहत पिछले साल आवेदन मांगे गए थे। जिले से कोई लाइसेंस जारी नहीं हो सका। एक आवेदन आया था वो किन्हीं कारणों के चलते रिजेक्ट हो गया। एनसीआर में सबसे अधिक आवेदन आए हैं।
- जेपी खासा, जिला नगर योजनाकार, हिसार