संवाद न्यूज एजेंसी
हांसी। गांव शेखपुरा में दो लाख रुपये की कथित लूट की सूचना पर पुलिस हरकत में आई, लेकिन जांच में मामला झूठा निकला। पुलिस को सूचना मिली थी कि काले रंग की कार में सवार युवकों ने एक व्यक्ति से दो लाख रुपये छीन लिए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। छानबीन की तो मामला झूठा निकला। व्यक्ति ने अपने भाई को 84 हजार रुपये देने थे। इससे बचने के लिए उसने लूट की झूठी योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार गांव शेखपुरा निवासी रामगोपाल यादव ने पीएनबी के खाते से एक लाख रुपये निकलवाए थे। वहीं एक लाख रुपये अनाज मंडी में आढ़ती से लिए थे। नकदी लेकर वह दोपहर ढाई बजे अपनी बाइक पर सवार होकर हांसी से गांव वापस आ रहा था। जैसे ही वह गांव के जलघर के पास पहुंचा तो एक काले रंग की कार में हथियारबंद दो युवक आए और उनके नकदी छीनकर ढाणी शोभा की तरफ भाग गए, जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर डीएसपी सिद्धार्थ, सदर थाना प्रभारी रमेश व पुलिस की अन्य टीमें मौके पर पहुंची। छानबीन की तो पता लगा कि रामगोपाल ने 84 हजार रुपये अपने भाई को देने थे। पुलिस ने बैंक में जाकर छानबीन की तो बैंक अधिकारियों से पता लगा कि रामगोपाल ने बैंक से एक लाख रुपये नहीं निकलवाए हैं। जबकि उसने 50 हजार रुपये बैंक में जमा करवाए हैं। पुलिस ने उससे गहनता से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह अनाज मंडी से एक लाख रुपये लेके आया था। उसने 50 हजार बैंक में जमा करवा दिए। बाकी 50 हजार उसके पास हैं। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि उसने सोचा की 84 हजार रुपये न देने पड़े इसके लिए यह षड्यंत्र रचा था।
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प्रथम दृष्टया में मामला झूठा निकला है। कर्ज से बचने के लिए उसने ऐसा किया। इसमें कार्रवाई क्या बनती है, इस पर विचार किया जा रहा है।- सिद्धार्थ बिश्नोई, डीएसपी