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Hisar News: तरल पदार्थ पर जिंदा है फेंकी गई बच्ची, पीजीआई में भर्ती

Mon, 29 Jan 2024 02:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड के समीप फेंकी गई लावारिस बच्ची तरल पदार्थ पर जिंदा है। उसे रीढ़ की बीमारी है, जिसकी वजह से उसे कुछ घंटे नीकू वार्ड में रखा गया और फिर शनिवार शाम सात बजे रोहतक पीजीआई में रेफर कर दिया गया। फिलहाल बच्ची का उपचार रोहतक पीजीआई में चल रहा है। वहीं, बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने भी बच्ची की हालत से अपडेट रहने के लिए रोहतक बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण अधिकारी को पत्र लिखा है। वहीं, इस घटनाक्रम के बाद नीकू वार्ड के तरफ बाहर पालना भी रखा गया है।
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जच्चा-बच्चा वार्ड के समीप बच्ची को फेंके जाने के मामले की जांच के लिए शहर थाना पुलिस ने अस्पताल परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, मगर ज्यादा कैमरों की जांच नहीं हुई। सोमवार को भी पुलिस नए सिरे से सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांचेगी। फिलहाल भिवानी के नीकू वार्ड से बच्ची को रोहतक पीजीआई में शिफ्ट कर दिया गया है। नीकू वार्ड में कुछ घंटे बीतने के दौरान इस बच्ची को फ्लूड यानी इंजेक्शन से खुराक दी गई। चिकित्सकों के अनुसार इस बच्ची की रीढ़ में बीमारी है। जिसकी वजह से इस बच्ची को संक्रमण का खतरा भी बना है। वहीं, लावारिस बच्ची की सूचना लगने के बाद उसे गोद लेने वाले भी पहुंच रहे हैं, मगर गोद लेने की प्रक्रिया काफी पेचीदा है।
कैमरे की नजर से भी बचते-बचाते बच्चा यहां तक पहुंचाया
यह भी माना जा रहा है कि बच्ची को यहां तक छोड़ने आया शख्स पूरी तैयारी और सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन से बचता-बचाता आया है। उसे कैमरों का आभास था। अस्पताल परिसर के पिछले हिस्से में मेडिकल कॉलेज निर्माण का काम चल रहा है। वहां पर कैमरे की कोई लोकेशन सेट नहीं है। पिछले हिस्से से वार्डों में जाने के लिए स्लैब भी बना हुआ है, जो अक्सर सुनसान ही रहता है।
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अस्पताल में अब तक खंगाले गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में बच्ची को यहां तक लाने वाले का कोई सुराग नहीं लगा है। सोमवार को फिर से पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांची जाएगी। पुलिस इस मामले की तहकीकात में लगी है।
-मनीष वालिया, इंचार्ज दिनोद गेट पुलिस चौकी।

बच्ची की उपचार प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे सतत ग्रहण एजेंसी में भेजा जाएगा। पुलिस अगर इस बच्ची के माता-पिता का पता नहीं लगा पाती है तो फिर इसे गोद देने की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। बच्चा गोद लेने के लिए केंद्र सरकार की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किए जाते हैं। पहले से ही बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया में शामिल मामले तीन साल से वेटिंग में चल रहे हैं।
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-संदीप कुमार जिला बाल संरक्षण अधिकारी भिवानी।
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