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Hisar News: महिला दिवस के अवसर पर जिले की तीन महिला खिलाड़ियों को किया जाएगा सम्मानित

Sat, 08 Mar 2025 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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भिवानी की खिलाड़ी प्रीति पंवार।
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भिवानी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के खास मौके पर जिले की तीन प्रतिष्ठित महिला खिलाड़ियों को उनके अद्वितीय योगदान और खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पंचकूला में शनिवार को सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मान समारोह में फुटबाल खेल प्रशिक्षक सोनिका विजरानियां, मुक्केबाज प्रीति पंवार और जैस्मिन लंबोरिया का नाम शामिल है। इन तीनों खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल जिले बल्कि राज्य और देश का नाम रोशन किया है।
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दादा-पिता से प्रेरणा लेकर सोनिका ने शुरू किया था फुटबाल खेलना
बवानीखेड़ा। गांव अलखपुरा को फुटबाल के रूप में विश्वपटल पर पहचान दिलवाने के पीछे खेल प्रशिक्षक सोनिका विजरानियां का अहम योगदान रहा।
सोनिका ने बताया कि फुटबाल खेलने की प्रेरणा उनके दादा से मिली जो आर्मी में फुटबाल खेलते थे। इसके अलावा सोनिका के पिता भी फुटबाल के अच्छे खिलाड़ी रहे हैं। मास्टर डिग्री की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक साल का फुटबाल कोचिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद 2009 में चरखी दादरी जिला के रुद्रड़ोल गांव निवासी विनय कुमार के साथ वैवाहिक बंधन में बंध गई।
सोनिका ने 31 जुलाई 2014 को भिवानी जिले के गांव अलखपुरा में लड़कियों को फुटबाल का प्रशिक्षण देना शुरू किया। उसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। सोनिका के मार्गदर्शन में गांव की बेटियों ने फुटबाल खेल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक हासिल किया। गांव की बेटियों ने एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता तथा विश्व फुटबाल कप में भी गांव की बेटियां हिस्सा लेकर टीम को विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में लगभग 500 बेटियां फुटबाल का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं।
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सोनिका के मार्गदर्शन में गांव की 35 महिला खिलाड़ियों को खेल के दम पर सरकारी नौकरी मिल चुकी है। वहीं 80 महिला खिलाड़ी इंडियन वुमन लीग में हिस्सा ले रही हैं। इसके अलावा 25 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय व फुटबाल विश्वकप मैच खेल चुकी हैं। सोनिका का जन्म झज्जर जिले की नूना माजरा गांव में 4 नवंबर 1983 को हुआ। बचपन से ही सोनिका को फुटबाल खेलने की लालसा लगी हुई थी।

गांव की गलियों से निकल कर किया ओलंपिक तक का सफर तय
भिवानी। गांव बड़ेसरा निवासी प्रीति पंवार 21 साल की उम्र में मुक्केबाज की किक लगाकर कीर्तिमान स्थापित कर रही है। प्रीति पंवार गांव की गलियों से निकल कर ओलंपिक तक का सफर तय कर चुकी है। अपने चाचा व कोच विनोद कुमार से मुक्केबाजी के गुर सीख प्रीति ने 14 साल की उम्र में स्कूली स्तर पर खेलते हुए मुक्केबाजी की शुरुआत की।
इसके बाद 2022 में आयोजित एशियन खेलों में कांस्य पदक, 2022 में एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक व 2024 में अंडर 22 आयुवर्ग एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके अलावा 2024 में आयोजित पेरिस ओलंपिक खेलों में प्रतिभागी रही। वर्तमान में प्रीति लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही है।

मुक्केबाजी के दम पर भारतीय सेना में कार्यरत हैं खिलाड़ी जैस्मिन
भिवानी। जैस्मिन लंबोरिया मुक्केबाजी के रूप में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय सेना में नौकरी हासिल कर चुकी हैं। जैस्मिन ने साल 2016 में बॉक्सिंग कॅरिअर की शुरुआत की। इसके बाद वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत कर देश का नाम रोशन कर चुकी है। जैस्मिन मेहताब दास की ढाणी निवासी हैं। उनके पिता का नाम जयबीर और माता जोगेंद्र कौर हैं। वे चार भाई-बहन हैं।
जैस्मिन ने साल 2016 में बॉक्सिंग कॅरिअर की शुरुआत की। इसके बाद वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर अपना नाम दुनिया भर में बॉक्सर के रूप में विख्यात कर चुकी है। जैस्मिन ने 2021 में दुबई में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक, 2021 में बॉक्सिंग अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में रजत पदक और 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक अपने नाम कर चुकी है। पेरिस ओलंपिक 2024 में प्रतिभागी रह चुकी है।
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भिवानी की खिलाड़ी प्रीति पंवार।

भिवानी की खिलाड़ी प्रीति पंवार।

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