बाल्मीकि चौक केपास लक्ष्मी मार्केट में एक अचार के गोदाम में बनी जहरीली गैस के प्रभाव से तीन सगे भाइयों की मौत हो गई। इनमें से एक भाई बरवाला में निजी स्कूल का प्रिंसिपल है। तीनों भाई करीब 50 मिनट तक बेसमेंट में बने टैंक में पड़े रहे। बाद में दमकल विभाग के कर्मचारी जान पर खेलकर आक्सीजन सिलेंडर लेकर टैंक में घुसे। तीनों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया।
बेहोशी की हालात में पड़े तीनों भाइयों को निकालने की कोशिश में बिना आक्सीजन के टैंक में घुसने की कोशिश में एक दमकल कर्मचारी भी बेहोश हो गया, जिसे बड़ी मुश्किल से साथियों ने बाहर निकाला। दमकल कर्मचारी को भी उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
लक्ष्मी मार्केट में खेड़ी बर्की वालों की अचार बनाने की फैक्टरी है, जिसके बेसमेंट में अचार गलाने के लिए करीब 8 फीट गहरे कुएं के आकार के गोल टैंक बनाए हुए हैं। छोटा भाई गोविंद फैक्टरी में था। करीब सवा तीन बजे वह बेसमेंट में बने टैंक में अचार हिलाने के लिए नीचे गया।
करीब 20 मिनट तक वह बाहर नहीं आया। मौके पर गोविंद का भाई धर्मेंद्र भी मौजूद था। भाई ने गोविंद को आवाज लगाई तो वह कुछ नहीं बोला। धर्मेंद्र जब बेसमेंट में उतरा तो उसे बेहोशी आने लगी, लेकिन वह भाई को बचाने के लिए टैंक में कूद गया और मौके पर ही बेहोश होकर गिर गया।
मौके पर दो महिलाएं अचार की फैक्टरी में काम कर रही थीं, जिन्होंने आसपास के लोगों को बुलाया और टैंक में दोनों भाइयों के गिरने की बात कही। आसपास के कई लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन जो भी अंदर जाने की कोशिश करे, उसे बेहोशी आने लगती।
आसपास के लोग जान जाते देख वापस बाहर निकल आए। किसी ने मामले की सूचना उसके बड़े भाई बरवाला स्कूल के प्रिंसिपल महेंद्र को दी। महेंद्र तुरंत आया और वह भी अपने दोनों भाइयों को बचाने के चक्कर में बेसमेंट में घुसकर टैंक में कूद गया। महेंद्र भी बेहोश हो गया।
वह जब बाहर नहीं निकला तो लोगों ने दमकल विभाग व पुलिस को सूचना दे दी। दस मिनट में ही दमकल का बचाव दल मौके पर पहुंचा। उन्हें आग लगने की सूचना दी गई थी। टीम बिना गैस सिलेंडर लिए मौके पर पहुंची। इस दौरान जब दमकल कर्मचारी जयभगवान बिना आक्सीजन के अंदर घुसने लगा तो वह भी बेहोश हो गया।
जयभगवान को उसके साथियों ने हाथ पकड़कर बाहर निकाला, जिसे तुरंत उपचार के लिए सामान्य अस्पताल भर्ती करवाया गया। आक्सीजन सिलेंडर लेकर उसके बाद गोविंद, धर्मेंद्र और महेंद्र को बाहर निकाला गया, जिन्हें उपचार के लिए शहर के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उपचार के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।