हिसार। जनवरी माह के अंत तक हिसार सर्कल में 15 गांव और जगमग हो जाएंगे। अब तक जिले के 121 गांव जगमग हो चुके हैं। निगम की ओर से जगमग के दायरे में लाने के लिए गांवों में डोर टू डोर बिजली मीटरों को घरों से उतारकर बाहर लगाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द उपरोक्त गांवों को जगमग के दायरे में लाया जा सके।
गांव खरकड़ी में तो बिजली निगम ने 275 मीटरों को मुख्य चौपाल पर लगा दिया है, जबकि कुल 750 मीटरों को और घर से बाहर लगाना है। गांव दुर्जनपुर में भी कवायद जारी है। जल्द ही यहां भी काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा चिकनवास, ठसका, झीड़ी, काजला, न्यौलीखुर्द, श्यामसुख, किराड़ा, मोठसरा, असरावां, जागान व महलसरा गांव को भी जगमग योजना में लाने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि ग्रामीणों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की सुविधा मिल सके।
अभी 22 गांवों में विरोध, पंचायतों को साथ लेने की तैयारी में निगम
हिसार सर्कल में अभी 22 गांव ऐसे हैं जहां ग्रामीण जगमग योजना का विरोध हैं। बिजली निगम ने विरोध करने वाली ग्राम पंचायतों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। पंचायतों को जगमग योजना के फायदे बताए जाएंगे। क्योंकि ग्रामीणों को उपरोक्त योजना के बारे में भ्रम ज्यादा है, जिनको दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
यह है जगमग योजना
जगमग योजना के अंतर्गत गांव को 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने का प्रावधान है। इसमें गांव के बिजली सिस्टम को लोड के हिसाब से अपग्रेड कर ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। इससे पहले हिसार सर्कल में अभी तक 30 से अधिक गांव ऐसे हैं, जहां जगमग योजना को लेकर विरोध है।
जनवरी माह के अंत तक 15 और गांवों को जगमग शामिल किया जाएगा। हमारी तरफ से कवायद जारी है। गांव खरकड़ी में 275 मीटरों को घर से उतारकर मुख्य चौपालों में लगाया जा रहा है। 20 से अधिक गांव ऐसे हैं, जोकि जगमग योजना के विरोध में है। ऐसे में पंचायतों को साथ लेकर जगमग योजना के फायदे बताए जाएंगे।
- विनीत पातड़, एक्सईएन, हिसार द्वितीय डिविजन, बिजली निगम।