तो हाजरीन हुआ यूं ...नाटक के मंचन के साथ बाल भवन में रविवार को थियेटर फेस्टिवल का आगाज हुआ। सुबह 11 बजे शुरू हुए इस नाटक का मंचन एंस ऑफ थियेटर गैरेज जयपुर ग्रुप द्वारा किया गया। लगातार लुप्त हो रही दास्तांगोई शैली में मंचित इस नाटक में शुभम पारीक और अंकित वर्मा ने मुख्य भूमिका निभाई।
अभिनय रंगमंच द्वारा आयोजित सेंट जोसेफ रंग आंगन नाट्य महोत्सव के पहले दिन शुभम पारीक द्वारा निर्देशित हाजरीन हुआ यूं नाटक में दो कहानियों का मंचन किया गया। अशफाक अहमद द्वारा रचित पहली कहानी गातों में दिखाया गया कि वर्ग भेद में फंसा एक छोटा बच्चा कैसे अपनी प्यारी बिल्ली को पाने के लिए संघर्ष करता है। वहीं बानो कुदसिया द्वारा रचित अंतर होवत उदासी में वर्तमान समाज में स्त्री की स्थिति का चित्रण किया गया। शाम को इसी कड़ी में दूसरे नाटक दरबार-ए-रायगढ़ का मंचन हुआ।
राखी दुबे द्वारा निर्देशित इस नाटक को कलनधिका नृत्य नाट्य संस्था समिति भोपाल द्वारा मंचित किया गया। समारोह के दौरान विजेंद्र सिंह की चित्र प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया गया। इस मौके पर मधुसूदन पाटिल एवं सुभाष कश्यप मौजूद रहे। मंच का संचालन अल्पना सुहासिनी ने किया।