हिसार। आजाद नगर के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें गर्मियों के दिनों में पानी की किल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी। अंतिम क्षोर तक पानी पहुंचेगा। आजाद नगर में एक और वाटर टैंक बनकर तैयार हो चुका है। इस टैंक की गहराई 8 फुट है। टैंक से पाइप लाइन का कनेक्शन किया जा चुका है। अभी नए टैंक में पानी भरकर लीकेज चेक की जा रही है। वहीं, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम भी अंतिम चरणों में चल रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मार्च महीने में काम पूरा कर दिया जाएगा। एक अप्रैल से नए व पुराने वाटर टैंक से पानी की सप्लाई शुरू की जाएगी। इससे 50 हजार से ज्यादा की आबादी को फायदा मिलेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 10 करोड़ रुपये की लागत आई है।
फिल्टर यूनिट का 90 प्रतिशत काम पूरा प्रोजेक्ट के तहत 1.73 करोड़ गैलन की क्षमता वाला एक वाटर टैंक बनाया गया है। साथ में 2.6 एमएलडी क्षमता की फिल्टर यूनिट और एक लाख 45 हजार 200 गैलन की क्षमता का क्लीयर वाटर टैंक का निर्माण किया गया है। हालांकि फिल्टर यूनिट का काम 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके अलावा करीब साढ़े छह किलोमीटर में नई पाइप लाइन भी बिछाई जाएगी।
फिलहाल एक ही टैंक से हो रही पानी की सप्लाई
आजाद नगर में फिलहाल एक ही वाटर टैंक बना हुआ है, जिसकी क्षमता 12.45 करोड़ लीटर की है। इस टैंक में करीब 10 दिन का पानी स्टोर किया जा सकता है। चूंकि नहरबंदी 15 दिन की रहती है, तो पांच दिन और पेयजल सप्लाई करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को ट्यूबवेल चलाना पड़ता है। मगर, अब नहरबंदी के दौरान भी लोगों को पूरा पानी मिलेगा।
आबादी के लिहाज से छोटा पड़ने लगा टैंक
आजाद नगर का एरिया काफी बड़ा है। यहां की आबादी 50 हजार से ज्यादा हैं। ऐसे में आबादी के लिहाज से एक वाटर टैंक छोटा पड़ने लगा। पिछले कई सालों से लोग यहां एक और नया टैंक बनाने की मांग उठा रहे थे। जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार नए टैंक में सात से आठ दिन का पानी स्टोर किया जा सकता है।
टैंक बनकर तैयार हो चुका है। फिल्टर यूनिट का भी 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। फिल्टर यूनिट में पाइप लाइन का कनेक्शन होना बाकी है। इस माह पूरा हो जाएगा। गर्मियों के दिनाें में लोगों को पानी को लेकर कोई समस्या नहीं आएगी। लोगों को पूरा पानी मिलेगा। अप्रैल से नए टैंक से भी सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
- साहिल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
अभी तक नहर सफाई का नहीं आया शेड्यूल
अभी तक सिंचाई विभाग की तरफ से जनस्वास्थ विभाग के पास नहर सफाई का कोई शेड्यूल नहीं आया है। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ कंवरपाल का कहना है कि फरवरी माह में नहर सफाई का शेड्यूल आ जाता है। मगर, अभी तक नहर सफाई को लेकर कोई सूचना हमारे पास नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि हर साल नहर की सफाई होती है। सफाई के चलते नहरबंदी की जाती है। ऐसे में सबसे ज्यादा लोगों को नहरबंदी के समय ही पानी संकट का सामना करना पड़ता है।
जरूरत पड़ी तो पानी के टैंकर भिजवाएगा जनस्वास्थ्य विभाग
एसडीओ कंवरपाल का कहना है कि महाबीर कॉलोनी में बने दोनों वाटर टैंकों में अभी पूरा है। नहर चल रही है। यदि नहरबंदी होती है तो उस केस में जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को पानी के टैंकर भिजवाए जाएंगे, ताकि लोगों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। उल्लेखनीय है पिछले साल नहरबंदी के समय पानी का संकट खड़ा हो गया था। उस दौरान विभाग की ओर से कई एरिया व कॉलोनियों में पानी के टैंकर भिजवाए गए थे।