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Hisar News: परीक्षा सै, थाम डरो ना, अलाथी-प्लाथी मारकै पढ्या करो, विफलता नै अपणा गुरु बणा ल्यो, फेर देखियो, पेपरां मै नंबरां गैल थारे चेहरे भी चमकैंगे

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हिसार। परीक्षा सै, थाम डरो ना, इबै तै तैयारी डट कै शुरू कर दयो। दूसरी बात गर्दन-कमर नै, सीधाकर अलाथी-प्लाथी मार कै पढ्या करो। इस तै थाम मानसिक रूप तै फिट रहोगे। इसतै भी जरूरी बात या सै, कि विफलता नै अपणा गुरु बणा ल्यो। फेर देखियो, किस तरीयां थारी पेपरां मै नंबरां कै गैल थारे चेहरे भी चमकैंगे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया ने सोमवार को जहाजपुल चौक के समीप राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित परीक्षा पे चर्चा विषय कार्यक्रम में ठेठ हरियाणवी अंदाज में विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र दिए।
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इससे पहले स्कूल में 1800 विद्यार्थियों ने 8 फीट लंबी, 20 फीट चौड़ी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल माध्यम से परीक्षा पे चर्चा विषय पर आधारित सीधे प्रसारण को करीब सवा घंटे तक सुना। डीईईओ ने प्रधानमंत्री के दिए संदेश को सरल-सहज व आसान शब्दों में विद्यार्थियों से संवाद कर हरियाणवी अंदाज व संस्कृत के श्लोकों से समझाया। इस मौके पर हिसार द्वितीय खंड के बीईओ अनिल नेहरा, प्राचार्य सतेंद्र सिंह, जिला विज्ञान विशेषज्ञ नरेंद्र भाटिया, उल्लास कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी जोगेंद्र सिंह, एलडीएम राकेश, अभिभावक मौजूद रहे।
डीईईओ निर्मल दहिया ने बताया कि परीक्षा के दिनों में विद्यार्थियों को प्रश्न-पत्र देखकर घबराना नहीं चाहिए। बीती परीक्षा के प्रश्न-पत्रों को आज से ही हल करना शुरू कर दें। देख लें कि किस पाठ्यक्रम से कितने अंक के प्रश्न पूछे जा रहे हैं, उसकी तैयारी उसी हिसाब से करें। सुबह 4 से 6 बजे के बीच पाठ्यक्रम की रिविजन करें। इसके अलावा रोजाना स्कूल जरूर जाएं और शिक्षकों से सवाल करें, ताकि डाउट दूर हो सके।
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ये दिए सफलता के मंत्र
- तकनीक से डरे नहीं, बल्कि विश्लेषण कर उसका सदुपयोग करें।
- समय-सारिणी बनाएं, उसके हिसाब से अपनी दिनचर्या व्यवस्थित करें।
- रिविजन के समय किसी भी पाठ्यक्रम को अधूरा न छोड़े, उसे लिखकर याद करें।
- खाली पेट कभी भी स्कूल में न आएं। हल्का संतुलित भोजन का सेवन करें।
- शिक्षकों व अभिभावकों का सम्मान करें।
- विद्यार्थी जीवन में पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण न करें।
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