हिसार। डीएपी खाद के लिए अभी से मारामारी शुरू हो चुकी है। मंगलवार को नई अनाजमंडी में खाद के 1,100 बैग पहुंचे। शाम चार बजे खाद का स्टॉक खत्म हो गया। ऐसे में खाद नहीं मिलने पर काफी किसान मायूस होकर लौटे। बता दें, कि गेहूं और सरसों की बिजाई के लिए किसान डीएपी खाद लेने पहुंच रहे हैं। सुबह सात बजने के साथ ही नई अनाजमंडी में किसानों की लाइन लगनी शुरू हो गई। एक किसान को आधार कार्ड दिखाने पर खाद के छह बैग दिए गए।
फतेहाबाद। फतेहाबाद जिले में रबी के सीजन में डीएपी खाद की कुल मांग करीब 25,000 मीट्रिक टन है। इसके सापेक्ष रबी के सीजन में अभी खाद की आवक 4,700 मीट्रिक टन हुई है। खाद की करीब 33 प्रतिशत पूर्ति हो सकी है। जिले के केंद्रों पर फिलहाल खाद उपलब्ध नहीं है। अधिकारियों के अनुसार रूस, चीन और सऊदी अरब के देशों से डीएपी खाद आयात की जाती है। अनुदान राशि बढ़ाने के मामले में सरकार और खाद कंपनियों के बीच भ्रांतियां हैं। मांग के सापेक्ष आपूर्ति कम है।
चरखी दादरी। जिला में डीएपी खाद की किल्लत बनी हुई हैे जबकि रबी की फसलों की बिजाई का काम 20 अक्तूबर से शुरू होने जा रहा है। अब तक जमीदारा सोसायटी ने 6,600 बैग वितरित किए हैं। पिछले सप्ताह 5,000 बैग की मांग भेजी गई थी जबकि 2,760 बैग ही पहुंचे हैं। किसान प्रतिदिन सोसायटी कार्यालय में पहुंच रहे हैं। उनको बैरंग लौटना पड़ रहा है। वहीं, सरसों की बिजाई का कार्य 20 अक्तूबर के बाद शुरू हो जाएगा। उसके बाद एक नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू हो जाएगी। जिला का कुल कृषि योग्य क्षेत्र 1.22358 हेक्टेयर क्षेत्र है। जमीदारा सोसायटी के मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि जैसे ही खाद पहुंचेगी किसानों को वितरित कर दिया जाएगा।
सिरसा : खाद को लेकर किल्लत बनी हुई है। 1,000 बैग मंगलवार को बांटे गए हैं। खाद की कमी को लेकर किसानों ने अपना विरोध खरीद केंद्र के बाहर जताया।
भिवानी। भिवानी जिले में खाद का वितरण लगातार जारी है। जिले में खाद का स्टॉक पूरा है। खाद के रैक आने के साथ ही खाद की वितरण भी किया जा रहा है। फिलहाल भिवानी जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। काफी बार किसानों द्वारा खाद स्टॉक कर लेने पर खाद की कमी बन जाती है।