सितंबर में भेजा राशन, एक माह बाद शिकायत पर कार्रवाई की खानापूर्ति
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के सरकारी स्कूलों में सितंबर में हैफेड की तरफ से आटे की सप्लाई की गई थी। जिन अन्य स्कूलों में आटे और चावल में खामियां पाई गई, वहां के स्कूल मुखिया ने शिक्षा विभाग को लेटर भेज कर राशन को वापस मांगने की डिमांड लिखी। शिक्षा विभाग के पास लेटर पहुंचने के बाद एक महीने तक उसे आगे फॉरवर्ड नहीं किया गया। 30 अक्तूबर को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की तरफ से हैफेड के महाप्रबंधक को राशन बदलने के किये पत्र भेजा है। शिक्षा विभाग की तरफ बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही बरती जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
19 अक्तूबर को किरतान गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मिड-डे मील में पहुंचे आटे में कीड़े रेंगते नजर आए। आटे में कीड़े रेंगने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। पता चलने पर कमेटी के सदस्य स्कूल पहुंचे। उन्होंने आटे की 5-5 किलोग्राम की चार थैलियों को खोला तो सभी में कीड़े मिले थे। यह देखकर कुक को आटे से रोटी बनाने से इन्कार कर दिया था।
इन स्कूलों ने लिखा पत्र
राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय खारा बरवाला
राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल काेहली
राजकीय उच्च विद्यालय भोड़िया बिश्नोईयान
राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल असरांवा
राजकीय प्राथमिक स्कूल असरांवा
राजकीय उच्च विद्यालय काबरेल
राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल दुर्जनपुर
राजकीय उच्च वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किरतान
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गंगवा
राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल नलवा
राजकीय प्राथमिक स्कूल मुल्तान कॉलोनी
राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला धर्मपुरा
हैफेड के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर समस्या से अवगत करवा चुके हैं। इस माह वितरित किए जाने वाले आटे की मॉनिटरिंग की जाएगी। विभाग की तरफ से जनवरी में फिर से गेहूं की सप्लाई करने की संभावना है। -
प्रवीण मल्होत्रा, उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी