कुलपति प्रो. कांबोज ने अपने संबोधन में समावेशी व्यवसाय विषय पर काम कर रहे उद्यमियों व किसानों के लिए विश्वविद्यालय की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एबिक युवा व किसानों को उनके उत्पाद की प्रोसेसिंग, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग, सर्विसिंग व ब्रांडिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सहायता प्रदान करता है ताकि वे अपने व्यवसाय को उच्च स्तर पर स्थापित कर सकें।
हरियाणा एवं तेलंगाना को समावेशी व्यापार से जोड़ा जाएगा : मार्ता पेरेज
संयुक्त राष्ट्र की एशिया और प्रशांत क्षेत्रीय आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (यूएनओ) के आर्थिक मामलों के अधिकारी मार्ता पेरेज ने बताया कि यह संगठन हरियाणा व तेलगांना में एचएयू और इन्वेस्ट इंडिया के संयुक्त सहयोग से कृषि एवं खाद्य प्रणाली में समावेशी व्यवसाय विषय पर किसानों के हित और आमदनी बढ़ाने के लिए योजनाएं तैयार करेगा।
हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत ने कहा कि एचएयू की ओर से तैयार उन्नत फसल किस्मों के माध्यम से किसान लगातार पैदावार बढ़ा रहा है। साथ ही हैफेड किसानों के बासमती चावल के निर्यात करने में हर संभव प्रयास कर रहा है।
हरियाणा सरकार के विदेशी सहकारिता विभाग के सलाहाकर पवन चौधरी ने कहा कि हरियाणा प्रदेश पूरे भारतवर्ष में उद्यमियों को समस्त सुविधाएं मुहैया करवाने में अव्वल है। उन्होंने पीएम कुसुम योजना, मेरी फसल-मेरा ब्योरा, परिवार पहचान पत्र, किसान उत्पादक संगठन जैसी स्कीमों के बारे में संयुक्त राष्ट्र से आई टीम के सदस्यों को अवगत कराया।
इस अवसर पर कुलपति के ओएसडी एवं एबिक के डायरेक्टर डॉ. अतुल ढींगड़ा, प्रिंसीपल इन्वेस्टीगेटर (आरकेवीवाई) डॉ. राजेश गेरा सहित इंटेलिकेप ग्रुप, एफपीओ, नाबार्ड व अन्य बैंकों के अधिकारीगण, एग्रोनेक्सट एवं एबिक सेंटर के सदस्य भी उपस्थित रहे।