अतिरिक्त उपायुक्त नीरज ने वार्डबंदी को लेकर निर्वाचन अधिकारियों, निगम पार्षदों की कमेटी की बैठक ली। इसमें परिवार पहचान पत्र के आधार पर बूथ वाइज जनसंख्या के दृष्टिगत वार्डबंदी तथ्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। एडीसी ने निर्देश दिए कि जिन मतदाताओं के एलसी कोड गलत हैं या दूसरे क्षेत्रों में दर्शाए गए हैं, ऐसे मतदाता पीपीपी के हिसाब से अपनी त्रुटियों को जल्द दुरुस्त किया जाए। नगर पालिका सीमा और परिवार पहचान पत्र में दर्शाए गए कोड में समानता होना बेहद जरूरी है। इससे संबंधित मतदाता के वोट और वार्ड का सटीक आकलन हो सके।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि हिसार नगर निगम के अंदर व बाहरी क्षेत्रों का परिवार पहचान पत्र एवं वोटर जनसंख्या के आधार पर वोटर लिस्ट तैयार की जाए। वार्ड बंदी में वोट डाटा सही करने किया जाएगा। मैपिंग संबंधी कार्यों की त्रुटियों को दूर कर नए सिरे से पुराने एवं नए बूथों का गठन करने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों से मिलान किया जाएगा। बैठक में एसडीएम हिसार जयवीर यादव, एसडीएम बरवाला विजया मलिक, एसडीएम हांसी मोहित महराणा, जिला राजस्व अधिकारी चेतना चौधरी, तहसीलदार हिसार शालिनी लाठर एवं सभी उपमंडलों के तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारी, वार्ड पार्षद भूप सिंह रोहिल्ला, पिंकी शर्मा, जयप्रकाश, अनिल जैन, प्रीतम सैनी आदि उपस्थित रहे।
चुनाव के लिए करना होगा इंतजार
नगर निगम की वार्डबंदी की प्रक्रिया में अभी पहली बैठक हुई है। अभी वार्डबंदी का प्रारूप भी नहीं बन सका है। वार्डबंदी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोगाें के दावे-आपत्तियां लिए जाएंगे। इनके दावे-आपत्तियाें पर सुनवाई के बाद इसे फाइनल किया जाएगा। वार्डबंदी पूरी होने के बाद आरक्षण का ड्रॉ निकाला जाएगा। इसके बाद ही चुनाव प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम 6 महीने 9 महीने का समय लगने का अनुमान है। बता दें कि नगर निगम के वर्तमान सत्र का कार्यकाल 8 जनवरी 2024 को समाप्त हो जाएगा।
वार्डबंदी से फिर बदलेंगे समीकरण
नगर निगम की वार्डबंदी नए सिरे से होगी तो कुछ बूथों में बदलाव आना तय है। जिससे पार्षदों का एरिया बदल जाएगा। पुराने मतदाता हटने व नए जुड़ने से पार्षदों के चुनावी समीकरण बदल जाएगा। पिछले 2019 के नगर निगम के चुनाव में वार्डबंदी के बाद कई प्रत्याशियों ने चुनाव मैदान छोड़ दिया था। वार्डबंदी में एरिया जोड़ने को लेकर काफी विवाद भी उठा था। कुछ लोगों ने इसे नगर निगम में चुनौती भी दी थी। वर्ष 2019 के चुनाव के समय निगम की आबादी 3.64 आंकी गई थी। इस बार यह 3.25 से 3.50 रहने की संभावना है।
वार्डबंदी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हम पीपीपी का पूरा डेटा चंडीगढ़ मुख्यालय से लेंगे। इससे जनसंख्या की जानकारी मिल पाएगी। इसके अलावा जनसंख्या का दूसरा आंकड़ा मतदाताओं की सूची के हिसाब से निकालेंगे, जो भी बड़ा आंकड़ा होगा उसे जनसंख्या मान कर वार्डबंदी की जाएगी। -
नीरज कुमार, एडीसी, हिसार